भीलवाड़ा की माया माली से हारी थी रितिका
पहलवान रितिका भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में 14 मार्च को फाइनल मुकाबले में भीलवाड़ा की पहलवान माया माली से हार गई थी। उसके फूफा महाबीर फौगाट भी वहां मौजूद थे। मुकाबले के बाद महाबीर फौगाट ने विजेता पहलवानों को सम्मानित भी किया था।
परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई हे। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई की जाएगी। - अजित सिंह, एएसआई, विवेचनाधिकारी
वहीं चरखी दादरी के डीएसपी राम सिंह बिश्नोई ने बताया कि रितिका ने 17 मार्च को आत्महत्या कर ली थी। इसके पीछे राजस्थान में हाल ही में हुए कुश्ती टूर्नामेंट में उनकी हार हो सकती है। अभी जांच चल रही है।
पांच साल से सीख रही थी पहलवानी के गुर
रितिका ने सोमवार रात अपने फूफा महाबीर फौगाट के गांव बलाली में फंदा लगाकर जान दे दी थी। रितिका ने भरतपुर में हुए कुश्ती के फाइनल मुकाबले में हारने के बाद यह कदम उठाया था। 17 साल की रितिका अपने फूफा पहलवान महाबीर फौगाट की बलाली स्थित अकादमी में पांच साल से प्रशिक्षण ले रही थी। रितिका ने 12 से 14 मार्च तक भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में राज्य स्तरीय सब-जूनियर, जूनियर महिला और पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया था। 14 मार्च को हुए फाइनल मुकाबले में रितिका हार गई थी।