किसान महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत और अन्य किसान व खाप के नेता।
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देश के किसान आंदोलन के जरिये इतिहास लिख चुके हैं। संयुक्त किसान मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य दर्शनपाल सिंह ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जनवरी के प्रकरण के बाद सरकार ने दमनकारी नीतियां अपनाई हैं लेकिन किसान संगठनों और खापों की मदद मिलने से किसान आंदोलन अब और मजबूत हो गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर धरनास्थलों पर सरकार बिजली-पानी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बंद करने पर तूली है। सरकार इस बात को अच्छी प्रकार से समझ ले कि किसान अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की 40 सदस्यीय कमेटी में शामिल बलबीर सिंह राजेवाल ने महापंचायत में कहा कि किसान जमीन से अलग नहीं रह सकता।
आरएसएस और भाजपा के लोग गुमराह करने में लगे हैं लेकिन वो कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सुपुर्द करना चाहती है लेकिन किसान इस मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने देंगे।
ये पांच प्रस्ताव हुए पास
- कृषि कानून वापिस लिए जाएं और एमएसपी की गारंटी तय हो
- किसानों पर जो झूठे मुकदमें दर्ज किए गए हैं वो रद्द होने चाहिए
- दिल्ली परेड में गिरफ्तार युवाओं और किसानों की तुरंत रिहाई हो
- दिल्ली हिंसा में किसानों के जो वाहन जब्त किए गए हैं उन्हें छोड़ा जाए
- एनएच-152 डी के लिए अधिग्रहित जमीन का उचित मुआवजा किसानों को मिले
ये खापें रहीं मौजूद
किसान महापंचायत में श्योराण खाप-25, फौगाट खाप-19, सांगवान खाप-40, हवेली खाप, धनखड़ खाप, चिड़िया- पांच खाप, हुड्डा खाप, कादयान खाप, दहिया खाप, अहलावत खाप, नांदल खाप के पदाधिकारी मौजूद रहे।