चरखी दादरी। प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने लाइसेंसी हथियारों के उपयोग, अवैध हथियारों की रोकथाम और हथियारों के दुरुपयोग पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नए नियमों के तहत अब प्रत्येक शस्त्र लाइसेंस धारक को अपने हथियार के हर इस्तेमाल की जानकारी संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारी को देनी अनिवार्य होगी।
जिला पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने बताया कि यह निर्णय अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा गृह विभाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में लाइसेंसी हथियारों के अनधिकृत उपयोग और अवैध हथियारों की बढ़ती गतिविधियों पर गंभीर चर्चा की गई थी।
इसके बाद हथियारों की निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश जारी किए गए। एसपी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अपने लाइसेंसी हथियार का उपयोग करता है तो उसे 30 दिनों के भीतर इसकी लिखित सूचना संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारी को देनी होगी।
सूचना में यह स्पष्ट करना होगा कि हथियार कब, कहां और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया। साथ ही चलाए गए कारतूसों की संख्या और उनका प्रकार भी बताना होगा। उन्होंने कहा कि हथियार के उपयोग के बाद खाली खोल भी जमा करवाने होंगे। यदि खाली खोल उपलब्ध नहीं हैं तो उसका संतोषजनक कारण बताना जरूरी होगा।
संबंधित अधिकारी इन सभी जानकारियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखेंगे। एसपी ने स्पष्ट किया कि समय पर सूचना नहीं देने या गलत जानकारी देने वाले लाइसेंस धारकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका असर हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि लाइसेंसी हथियार केवल सुरक्षा और वैध आवश्यकताओं के लिए दिए जाते हैं। इनके उपयोग में पारदर्शिता बनाए रखना प्रत्येक लाइसेंस धारक की जिम्मेदारी है। इस संबंध में सभी थाना प्रभारियों और फील्ड यूनिट्स को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।