चरखी दादरी। फर्रुखनगर-झज्जर-चरखी दादरी-लोहारू रेल कॉरिडोर परियोजना को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर उम्मीदें तेज हो गई हैं। प्रस्तावित 119 किलोमीटर लंबे हरियाणा इकोनॉमिक रेल कॉरिडोर को प्रदेश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
परियोजना पर पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। इसका निर्माण होना लगभग तय माना जा रहा। अब दूसरे चरण में झज्जर से दादरी होते हुए लोहारू तक रेल लाइन बिछाने की योजना है, जिससे जिले के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पहले चरण की डीपीआर तैयार
परियोजना के पहले चरण में फर्रुखनगर से झज्जर तक रेल लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। इस खंड की अनुमानित लागत करीब 925 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक आकलन में इस खंड का रेट ऑफ रिटर्न (आरओआर) 10 प्रतिशत से अधिक पाया गया है, जिससे यह आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक परियोजना मानी जा रही है।
दूसरे चरण का सर्वे पूरा
झज्जर-चरखी दादरी-लोहारू खंड के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इस दौरान रूट सर्वे, ट्रैफिक सर्वे, स्टेशन सर्वे तथा डीजीपीएस सर्वे सहित अन्य आवश्यक तकनीकी कार्य पूरे किए गए हैं। अब रेलवे विभाग इस हिस्से की डीपीआर तैयार करने, परियोजना लागत का आकलन करने तथा आरओआर निर्धारित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। अब इसका एस्टीमेट और आरओआर बनना बाकी है।
दादरी को मिलेंगे कई लाभ
रेल कॉरिडोर बनने से दादरी जिले के उद्योग, कृषि और व्यापार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक कम समय और कम लागत में पहुंचाने का बेहतर साधन मिलेगा। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को माल परिवहन की सुविधा मिलने से नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
दादरी, निहालगढ़ और तिवाला में बनेगा स्टेशन
प्रस्तावित रेल मार्ग फर्रुखनगर, नांगल, सिलाना, झज्जर, आच्छेज, निमली, दादरी, तिवाला, निहालगढ़, नांदा और लोहारू को जोड़ते हुए विकसित किया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था में भी सुधार होगा। इन जगहों पर स्टेशन के निर्माण की योजना लगभग तय हो चुकी है।
वर्सन:
यदि आगामी चरणों की स्वीकृतियां समय पर मिलती हैं तो यह परियोजना हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होगी। कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह व विधायक सुनील सांगवान के प्रयासों से योजना चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। दूसरी चरण में एस्टीमेट का काम करीब एक से डेढ़ माह में शुरू किया जाएगा। - अनुज शर्मा, सदस्य, उत्तर पश्चिम रेलवे जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी।