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पिछले साल के मुकाबले सिर्फ सात फीसदी गेहूं की खरीद

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अनाज मंडी में लगी गेहूं की ढेरी। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक आवक जोर नहीं पकड़ पाई है। पिछले साल हुई खरीद की बात करें तो 30 अप्रैल तक आठ लाख क्विंटल गेहूं किसानों से खरीदा गया था, जबकि इस बार सिर्फ 55 हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीदा हो पाई है। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले इस बार सिर्फ सात फीसदी गेहूं ही खरीद केंद्रों तक पहुंचा है। दूसरी ओर लगातार तीसरे दिन भी खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक नहीं हुई, जिसके चलते एजेंसी खरीद नहीं कर पाई।
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मई की शुरुआत गेहूं की आवक का पीक समय माना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही खरीद केंद्रों पर आवक काफी कम हुई है। जिले की अगर बात करें तो आठ केंद्रों पर गेहूं खरीद होनी है, लेकिन पांच केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने पर अब तक गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। शहर की अनाज मंडी के अलावा बौंदकलां और छपार में ही इस बार गेहूं खरीद हुई है।
गेहूं की खरीद में इस बार स्थिति पिछले साल से उल्ट है जिसके चलते आढ़तियों के साथ श्रमिक भी प्रभावित हैं। वेयर हाऊस ने पिछले साल करीब साढ़े चार लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की, लेकिन इस बार यह एजेंसी जिले में गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीद पाई है। जिले में गेहूं की सारी खरीद इस बार हैफेड ने की है। पिछली बार भी हैफेड ने किसानों से करीब चार लाख क्विंटल गेहूं खरीदा था, जबकि इस बार एजेंसी 55 हजार क्विंटल गेहूं किसानों से खरीद चुकी है।
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मंडी में सरसों की आवक जारी
मंडी में सरसों की आवक जारी है। मंडी में 80 किसान 1860 क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे और 40 लैब का भाव करीब 6900 रुपये प्रति क्विंटल रहा जोकि पिछले दो सप्ताह में सर्वाधिक रेट है।
इस बार आवक बहुत कम है और इसके चलते एजेंसियां खरीद नहीं कर पा रही। आढ़ती खुद हैरान है कि पीक समय में भी खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक जोर नहीं पकड़ रही। रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
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