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मारपीट मामले में ट्यूबवेल ऑपरेटर के समर्थन में उतरे वाइस चेयरमैन समेत सात पार्षद

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मारपीट प्रकरण में गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने पहुंचे पार्षद और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी - फोटो : CharkhiDadri
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पार्षद महेश गुप्ता और ट्यूबवेल ऑपरेटर रामरत्न विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले के बाद नगर परिषद की राजनीति जमकर उजागर हो रही है। पार्षद इस मामले को लेकर दो धड़ों में बट गए हैं। सोमवार को नगर परिषद उप प्रधान दीपक श्योराण समेत चार पार्षद ट्यूबवेल ऑपरेटरों को समर्थन देने पहुंचे। इसके बाद सभी पार्षद कर्मचारियों के साथ सिटी थाने पहुंचे और पार्षद महेश गुप्ता को गिरफ्तार करने की मांग की। एसएचओ तेलूराम ने उन्हें दो दिन के अंदर मामले की जांच कर स्थित स्पष्ट करने और दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सभी थाने से लौट गए।
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गौरतलब है कि ट्यूबवेल ऑपरेटर रामरत्न की तैनाती दिल्ली बाईपास स्थित ट्यूबवेल पर है। कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि पार्षद महेश गुप्ता ने वहां आकर उससे मारपीट की। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग के कच्चे कर्मचारी शहर की पेयजल व्यवस्था बाधित कर हड़ताल पर चले गए थे। एसडीओ के थाने में पार्षद के खिलाफ शिकायत देने के बाद ही कर्मचारियों ने पेयजल आपूर्ति बहाल की थी। इससे पहले पार्षद बक्शी सैनी, आनंद महराणा और पार्वती सैनी ने कर्मचारियों की मांग को अपना समर्थन दिया था।
सोमवार को उप प्रधान बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू समेत पार्षद प्रतिनिधि सतबीर चौहान, विक्रमू श्योराण भी कर्मचारियों को समर्थन देने पहुंच गए। इन सभी ने धरने पर बैठकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन देते करते हुए महेश गुप्ता को गिरफ्तार करने की मांग की। इसके बाद सिटी थाने पहुंचकर उन्होंने मामले को लेकर एसएचओ से बातचीत की। एसएचओ को गिरफ्तारी के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया। एसएचओ तेलूराम ने दो दिन में जांच पूरी कर दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात कहते हुए दोषी पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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दो दिन में गिरफ्तारी न होने पर पेयजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी
एसएचओ के आश्वासन के बाद उप प्रधान समेत पार्षद और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वापिस लौट गए। सीतराम, विशाल, सुनील, चंद्र सिंह, राजू, अजीत, नरेश, संदीप, हरीश आदि कर्मचारियों ने बताया कि अगर दो दिन में मामले की जांच कर पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की तो वो शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित कर देंगे और सीवर समस्याओं का समाधान भी रोक देंगे।
नप की राजनीति : कर्मचारियों के समर्थन में सात तो महेश के समर्थन में दो पार्षद
कर्मचारी के साथ मारपीट प्रकरण के बाद कोरोना काल में ठंडी पड़ी नगर परिषद की राजनीति फिर गर्मा गई है। सात पार्षद ट्यूबवेल ऑपरेटर रामरत्न के साथ खड़े हैं। जबकि दो पार्षद महेश गुप्ता का समर्थन कर चुके हैं। चेयरमैन संजय छपारिया की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कर्मचारी से मारपीट करना ओच्छी हरकत : दीपक श्योराण
इस मामले के बाद सोमवार को कर्मचारियों के समर्थन में उतरे नप उप प्रधान दीपक श्योराण का कहना है कि बुजुर्ग कर्मचारी के साथ मारपीट कर पार्षद महेश गुप्ता ने ओच्छी हरकत की है। यह उन्हें शोभा नहीं देता। जिस कर्मचारी के साथ मारपीट की गई है वो उनके पिता की उम्र का है। प्रशासन को मामले के आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।
जनता की बजाय कर्मचारियों का साथ देने वाले पार्षद शहर विरोधी : महेश गुप्ता
पार्षदों के कर्मचारियों को समर्थन देने के सवाल पर पार्षद महेश गुप्ता ने कहा कि वो लोगों की समस्याओं की मांग उठा रहे हैं। मारपीट के आरोप सरासर गलत है। शहर में पेयजल और सीवर के हालात किसी से छुपे नहीं है। जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कुछ पार्षद कर्मचारियों का साथ दे रहे हैं जो उनकी शहर विरोधी मानसिकता दर्शा रहा है।
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