पानी निकासी के लिए लगा पंपसेट। संवाद
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जिले की मुख्य लोहारू कैनाल। संवाद
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समसपुर रोड पर बना शहर का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट। संवाद
- सिंचाई विभाग ने 152 जगहों पर कनेक्शन के लिए बिजली निगम में किया आवेदन, हर साल जिले में 4000 एकड़ जमीन पर होता है जलभराव
- सिंचाई विभाग के आवेदन करने के बाद बिजली निगम ने कनेक्शन जारी करने की कवायद की शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिलाभर के विभिन्न भागों में 80 पंपसेट लगाए गए हैं। इनके अलावा, 145 इलेक्ट्रिकल व 19 मोबाइल पंप तैयार किए गए हैं। ताकि, जरूरत के अनुसार जलभराव वाले क्षेत्रों में इन्हें लगाया जा सके। वहीं, सिंचाई विभाग ने बिजली निगम को 152 जगहों पर कनेक्शन देने के लिए आवेदन कर दिया है।
दरअसल, जिले में हर साल करीब चार हजार एकड़ क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनती है। प्रशासन व सिंचाई विभाग ने बाढ़ के पानी की निकासी से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सिंचाई विभाग ने जिले में कुल 80 साइट चिह्नित की हैं, जहां जलभराव ज्यादा होता है। वैसे भी जिले के विभिन्न गांवों में हर साल जलभराव की समस्या बनती है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मानसून आगमन का समय 28 जून तक माना जा रहा है। इस बार मौसम विभाग 105 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जता रहा है। इससे पहले ही विभाग तैयारियों में जुटा है।
जिले के गांव इमलोटा, मोरवाला, कंहेटी, सरूपगढ़, सांतौर, भागवी, मोरवाला, समसपुर, झिंझर, खातीवास, बिगोवा, कमोद, जयश्री, मिसरी, बौंदकलां, बिरही कलां, छपार, रासीवास, चरखी, पांडवान, साहुवास, घिकाड़ा, फतेहगढ़, सहित कई भागों में हर साल जलभराव की समस्या बनती है। जलभराव की वजह से खरीफ सीजन की फसलें खराब हो जाती हैं। बारिश का पानी अक्तूबर तक भरा रहता है। इससे अगली रबी की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाती। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है।
- इन भागों में लगाए पंपसेट
सिंचाई विभाग की ओर से गांव बिरहीकलां, चरखी, जयश्री, बौंदकलां, इमलोटा, बौंदकलां, मिसरी, ऊण, भागवी, समसपुर, नीमड़ी, मोरवाला, साहुवास, घिकाड़ा, छपार व रासीवास आदि कई गांवों में पंपसेट लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा, कुछ मोबाइल पंप सेट रिजर्व रखे गए हैं। ताकि, जरूरत के अनुसार इन्हें लगाकर पानी की निकासी तत्परता से हो सके।
- 112 बिजली कनेक्शन हो चुके जारी
इसके अलावा, विभाग ने बिजली निगम से 152 कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया है, जिनमें से 112 कनेक्शन जारी हो गए हैं। ये पंपसेट बिजली से संचालित होंगे। इन पंप सेट की क्षमता तीन, 5-10 व 20 क्यूसेक पानी उठान की रहेगी।
- एसडीओ व जेई की लगाई डयूटी
सिंचाई विभाग ने इसके लिए एसडीओ व जेई की क्षेत्र वाइज डयूटी लगा दी है। ये अधिकारी निगरानी रखेंगे और सरपंचों से संपर्क बनाए रखेंगे। ताकि, जरूरत के अनुसार तत्काल पंपसेट लगाए जा सकें। इतना ही नहीं, सभी ड्रेनों की सफाई का काम भी जारी है। झज्जर रोड पर पड़ने वाले गांव इमलोटा, भागवी, कंहेटी, समसपुर, सरूपगढ़, अचीना आदि के लिए एसडीओ प्रदीप व जेई रजनीश की डयूटी लगाई गई है। इसी प्रकार दादरी-रोहतक रोड पर पड़ने वाले गांव मिसरी, सांवड़, बौंदकलां, रणकोली व ऊण आदि के लिए एसडीओ संदीप व जेई पवन की डयूटी लगाई गई है। भिवानी, लोहारू रोड पर पड़ने वाले गांव बिरही कलां, छपार, रासीवास, साहुवास, चरखी,पांडवाना, फतेहगढ़ आदि के लिए एसडीओ आशीष, जेई योगेश व जेई शुभम की डयूटी लगाई गई है।
वर्सन
जिलेभर के विभिन्न भागों में 80 पंपसेट लगाए गए हैं। इनके अलावा, 145 ईपंप तैयार किए गए हैं। ताकि, जरूरत के अनुसार जलभराव वाले क्षेत्रों में लगाए जा सकें। 152 स्थानों पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया है। पानी की निकासी के लिए विभाग तैयार है।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग (मैकेनिकल शाखा)