झोझूकलां। नशा आपसी संबंधों व रिश्तों का नाश कर कैंसर और अन्य भयानक बीमारियों को निमंत्रण देता है। यह उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा की ओर से मेरा गांव-नशा मुक्त गांव अभियान के तहत चलाए जागरूकता अभियान में क्षेत्रीय प्रभारी ब्रह्मकुमारी वसुधा ने व्यक्त किए।
रविवार को पिचौपा खुर्द, कलियाणा, मंदौली, गोकल, माईखुर्द, माईकलां, रूदड़ोल व दगड़ौली में विश्व कैंसर दिवस पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। बीके वसुधा ने कहा कि कैंसर जैसे रोगों से सात्विक व आध्यात्मिक जीवन शैली से ही बचा जा सकता है। ईश्वरीय व नारायणी नशा आपसी संबंधों को मजबूत बनाता है। आध्यात्मिक व मानवीय मूल्यों को जीवन में धारण कर नशीले पदार्थों से छुटकारा दिला समाज को स्वस्थ व सुखी बनाता है।
ब्रह्माकुमारी नीलम ने नशा छोड़ने की शपथ दिलाई। उन्होंने बच्चों को नशे की आदत में पड़ने का कारण और निवारण बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने का आह्वान किया। पिचौपा खुर्द सरपंच सुरेंद्र सांगवान ने कहा कि नशा आपसी संबंधों को मजबूत बनाने में बाधक है। मांई खुर्द सरपंच प्रतिनिधि रामफल ने भी नशा युवाओं से नशा त्याग करने की अपील की और ब्रह्माकुमारीज के इस अभियान की सराहना की।
रचनात्मक कार्य कर देश को आगे बढ़ाने में दें अपना योगदान : ज्योति
ब्रह्माकुमार विशाल ने कहा कि बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, ड्रग्स आदि नशे के पदार्थ हमारे शरीर में दीमक की तरह प्रवेश कर अंदर से खोखला कर देते हैं। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। अभियान संयोजक एवं झोझूकलां सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी ज्योति ने कहा कि आज युवाओं को अपनी सकारात्मक सोच के साथ रचनात्मक कार्य कर देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए। यह सब पाश्चात्य संस्कृति का त्याग कर अपनी भारतीय संस्कृति धारण करने पर संभव है।