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Charkhi Dadri News: स्मार्ट क्लास की सुविधा पर बिजली कट बने दुविधा

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एक राजकीय स्कूल में लगा डिजिटल बोर्ड।
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चरखी दादरी। राजकीय स्कूलों में बिजली की किल्लत के चलते विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा का फायदा ठीक प्रकार से नहीं उठा पा रहे हैं। स्कूल समय में बिजली आपूर्ति नहीं होने से कंप्यूटर शिक्षा व डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई नहीं हो पाती है। इनवर्टर व बैटरी भी बिजली की किल्लत के चलते चार्ज नहीं हो पाते और न ही डिजिटल शिक्षा के संसाधनों का लोड झेलने में सक्षम है। वहीं, बिजली किल्लत के चलते लिपिकीय व डाक संबंधी कामकाज भी प्रभावित होता है।
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बता दें कि जिले में 364 राजकीय स्कूल हैं। राजकीय स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा के लिए उपकरणाें की भी कमी बनी हुई है। बिजली की किल्लत के चलते विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा का फायदा ठीक प्रकार से नहीं उठा पा रहे हैं। सरकार ने जिले के राजकीय स्कूलों के क्लासरूम को तो स्मार्ट कर दिया है, लेकिन स्कूल समय में लगने वाले बिजली कट के कारण विद्यार्थियों को इन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में भी बिजली किल्लत का मामला है।


30:1 और 35:1 में शिक्षक की तैनाती का प्रावधान

सबसे पहले विद्यार्थी के लिए बैठने की जगह बेहद सुगम एवं अनुकूल होना जरूरी है। उसे कक्षा में छह घंटे बैठना होता है, ऐसे में बेंच यानी ड्यूल डेस्क का होना जरूरी है। प्राइमरी स्कूल में छात्र-शिक्षक का अनुपात 30:01 होता है ऐसे में एक कक्षा में कम से कम 18 बेंच की सुविधा होना जरूरी है। वहीं, उच्च कक्षाओं में 35:01 का अनुपात होता है। कई बार शिक्षकों की कमी की वजह से यह अनुपात बढ़ा दिया जाता है।
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मेला आयोजित कर खरीदे जाएंगे बेंच
स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग बेंच खरीदने के लिए मेला आयोजित करेगा। इसके माध्यम से ही बेंच खरीदे जाएंगे। जो एजेंसी सस्ता व गुणवत्तायुक्त बेंच उपलब्ध करवाएगी उससे ही बेंच खरीद की जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।




-स्कूलों में इनवर्टर व बैटरी की व्यवस्था की हुई है। बिजली की भी थोड़ी समस्या है। विभाग विद्यार्थियों को सभी आवश्यक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में तत्परता से काम किया जा रहा है।
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-कृष्णा फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी




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