सरकारी फीस से दोगुने रुपये लेकर आवेदकों के डीएल-आरसी बनवाने के मामले में सिटी थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम ऑफिस में बतौर रजिस्ट्रेशन क्लर्क तैनात सुनीता और दलाल एवं टाइपिस्ट प्रदीप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एसडीएम ऑफिस से पिछले ढाई माह में बने डीएल और आरसी का रिकॉर्ड मांगा है।
बता दें कि सीएम फ्लाइंग ने गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को कोर्ट परिसर में बैठने वाले टाइपिस्ट प्रदीप के यहां कार्रवाई की थी। इस दौरान प्रदीप की मेज से 20 आरसी, चार डीएल, 33 आधार कार्ड, सात हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, 19 एनओसी रसीद और 216 डीएल और आरसी संबंधी रसीदें बरामद हुई थीं। सीएम फ्लाइंग ने टाइपिस्ट से पांच घंटे तक पूछताछ की थी। इस दौरान आरोपी ने कुबूल किया था कि वह सरकारी फीस से अधिक रुपये लेकर लोगों की आरसी और डीएल बनवाता है।
सीएम फ्लाइंग ने आरोपी और बरामद सामान को आगे की जांच के लिए सिटी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। पुलिस ने प्रदीप के बाद इस मामले की दूसरी आरोपी रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बुधवार शाम को ही सुनीता को कोर्ट में पेश कर 14 दिन के लिए सुनारिया जेल भेज दिया। वहीं, मामले का तीसरा आरोपी डीएल शाखा का क्लर्क मोहित अभी फरार है।
तीन टीमें दे रहीं तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश
पुलिस प्रवक्ता सुमित सांगवान ने बताया कि मामले के तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी भी जल्द हो जाएगी। आरोपी मोहित की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं। सिटी थाना पुलिस के अलावा सीआईए और स्पेशल स्टाफ भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
रिकॉर्ड मिलने के बाद होगा साठगांठ से बने डीएल-आरसी का खुलासा
पुलिस ने एसडीएम ऑफिस की क्लर्क सुनीता और डीएल शाखा के क्लर्क मोहित की तैनाती के बाद बने ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का रिकॉर्ड मुहैया करवाने के लिए पत्र लिखा है। इस रिकॉर्ड की जांच की जाएगी और इसके बाद पता चल सकेगा कि साठगांठ से कितने डीएल और आरसी बने हैं।
इस मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है। एसडीएम ऑफिस से हमने पिछले ढाई माह में बनाए डीएल-आरसी का रिकॉर्ड मांगा है। रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि कितने डीएल और आरसी साठगांठ से बने हैं।
- रामसिंह बिश्नोई, डीएसपी