Medical certificates will be made every Thursday in the civil hospital
- फोटो : CharkhiDadri
सरकारी नौकरी और अन्य दस्तावेजों के लिए जरूरी मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने के लिए अब प्रत्येक वीरवार को मेडिकल बोर्ड सिविल अस्पताल में उपलब्ध रहेगा। इसके लिए ऑर्थो व ईएनटी विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। कोरोना के चलते पिछले करीब पांच माह से बंद यह सेवा डीसी शिवप्रसाद शर्मा के आदेशों पर फिर से शुरू हो गई है। अब व्यक्ति प्रत्येक वीरवार को नगारिक अस्पताल में आकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जांच करवा सकता है।
सिविल अस्पताल में प्रत्येक सप्ताह करीब 60 मेडिकल प्रमाण पत्र बनते हैं। कोरोना के चलते सिविल अस्पताल में मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने की सेवा बंद होने के चलते लोगों को अन्य जिलों के सिविल अस्पताल में चक्कर काटने पड़ रहे थे। सरकारी नौकरी में ज्वाइनिंग करने, सेवारत और रिटायर्ड कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, पेंशन धारकों, कई शैक्षिणक एवं व्यावसायिक कोर्सों में दाखिला लेने से पूर्व मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र मांगा जाता है। अब वीरवार सेे शहर के सिविल अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा शुरू कर दी गई है। दादरी में अभी पद खाली होने के चलते भिवानी से आर्थो व ईएनटी के विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे।
नागरिक अस्पताल में ये सुविधाएं भी नहीं
जिले के नागरिक अस्पताल में जिला स्तर की सभी प्रकार की सुविधाएं आज भी नहीं मिल पा रही हैं, ऐसे में लोगों को काफी कामकाज के लिए पुराने मुख्यालय पर करवाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में जिला स्तर के हर प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा भी नहीं है। इसके अलावा हड्डी का ऑपरेशन व विशेष मशीन से हड्डी ऑपरेशन करने की सुविधा, हॉर्मोन के जांच की सुविधा भी नगारिक अस्पताल में नहीं है। थायराइड रोग व मधुमेह रोग विशेषज्ञ की अस्पताल में सख्त जरूरत बनी हुई है। वहीं पोस्टमार्टम की सुविधा ने होने के चलते अक्षत-विक्षत शवों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में शव पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने मेें दो दिन का समय बीत जाता है।
डीसी के आदेशों पर सिविल अस्पताल में मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने की सेवा शुरू कर दी गई है। संबंधित व्यक्ति प्रत्येक वीरवार को आकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जांच करवा सकता है।
सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी