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Charkhi Dadri News: उद्यमिता के आंगन में सशक्तीकरण की कविता

Sat, 08 Mar 2025 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं को स्वावलंबी बनने पर सम्मानित होती कविता। 
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चरखी दादरी। खेत मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर तय करने वाली झोझूकलां की कविता का जीवन संपूर्ण काव्य है। कविता ने अपने संघर्षों के बूते न सिर्फ खुद को अपने पैरों पर खड़ा किया, वरन क्षेत्र के कई गांवों की करीब एक सौ महिलाओं को भी स्वावलंबी बनाकर उनको सशक्त बनाया है।
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अनुसूचित जाति परिवार से ताल्लुक रखने वाली 48 वर्षीय कविता के पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। हिंदी में स्नातकोत्तर तक शिक्षा के बाबजूद नौकरी नहीं मिलने पर कविता भी पशुपालन के काम में पति का हाथ बटाने लगी। यही नहीं, परिवार के आर्थिक बोझ को देखते हुए वह खेतों में मजदूरी भी करने लगीं। इससे परिवार को संबल तो मिल रहा था लेकिन खुद कविता अपने काम से संतुष्ट नहीं थीं।
इसी बीच 2016 में कविता क्षेत्र की प्रमुख सामाजिक संस्था ग्रामीण विकास मंडल के संपर्क में आईं। इन दिनों संस्था महिला आजीविका के लिए स्वयं सहायता समूह गठन और प्रशिक्षण का काम कर रही थी। कविता संस्था से जुड़कर महिला प्रेरक के रूप में काम करने लगीं। घर की चहारदीवारी तक सीमित रहने वाली कविता अब गांव- गांव घूम कर महिलाओं की मीटिंग कर उन्हें अपने और परिवार की मदद के लिए संगठित होकर आर्थिक गतिविधि चलाने का रास्ता दिखाने लगी।
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20 गांवों की महिलाओं को जोड़ा
कविता ने एक साल में 20 गांवों में 1000 से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ लिया। कविता केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाने में ही नहीं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास भी कर रही हैं। समूह की बैठकों में पारिवारिक, गांव के शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रेरित करती हैं।

- विभिन्न कार्याें का महिलाओं को दिलाया प्रशिक्षण
कविता के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय हिसार, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल और इंडो इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र घरौंदा में दूध और सब्जी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण भी लिया है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के माध्यम से स्वरोजगार के लिए साथ महिलाओं को ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण भी दिलाया। इसका कविता को भी लाभ हुआ। लोगों में पैठ का ही परिणाम रहा कि राजनीतिक रूप से बहुत ही सक्रिय और बड़ा गांव होने के बावजूद कविता पंचायत चुनाव में पंचायत समिति सदस्य चुन ली गईं। अब वह बतौर प्रतिनिधि महिलाओं के लिए काम कर रही हैं।
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