चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में परिसर में आंखों की जांच के लिए अलग से ब्लॉक बनाने की योजना रद्द कर दी है। मुख्यालयों से निर्देश मिलने के बाद ही योजना को डंप किया गया है। करीब चार लाल पहले यह योजना तैयार की गई थी, लेकिन यह प्रक्रिया आगणन से आगे नहीं बढ़ पाई।
पिछले करीब तीन सालों से जिले में नेत्र रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। तब से ही वह ओपीडी में नेत्र रोगियों की जांच कर सलाह दे रहे हैं। आंखों के मरीजों को मिलने वालीं सेवाओं में इजाफा करने के लिए ही नेत्र जांच ब्लॉक बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके तहत ब्लॉक में ओपीडी कक्ष के अलावा आंखों के ऑपरेशन के लिए थिएटर भी तैयार किया जाना था।
इस अस्पताल में आंखों की स्वास्थ्य सेवाएं एक कमरे तक सीमित हैं। इस कारण यहां ऑपरेशन सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिले में तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भी हैं। आंखों की जांच के लिए सीएचसी और पीएचसी के अधीन आने वाले गांवों के लोग नागरिक अस्पताल पर ही निर्भर है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में लंबे समय से नेत्र जांच सेवाओं का दायरा बढ़ाने की जरूरत है।
ऑपरेशन के लिए अस्पताल से रोजाना रेफर हो रहे 25 मरीज
नागरिक अस्पताल में आंखों की दैनिक ओपीडी 100 से अधिक है। इनमें से 25 फीसदी ओपीडी आंखों के ऑपरेशन की होती है। ऐसे मरीजों को नागरिक अस्पताल से भिवानी रेफर किया जा रहा है। वहां जाकर उन्हें आंखों का ऑपरेशन करवाना पड़ रहा है। एक माह में करीब 400 से 500 मरीज आंखों के ऑपरेशन के लिए रेफर किए जाते हैं।
दस से 60,000 है ऑपरेशन का खर्च
नागरिक अस्पताल से रेफर करने के बाद कई मरीज निजी अस्पतालों में जाकर आंखों का ऑपरेशन करवा लेते हैं। आंखों के ऑपरेशन पर खर्च 10 से 60 हजार तक आता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोग निजी अस्पताल में जाकर आंखों का ऑपरेशन करवाने में असमर्थ हैं।
सिविल अस्पताल में नेत्र जांच ब्लॉक बनाने की योजना रद्द कर दी गई है। इस संबंध में मुख्यालय से निर्देश मिले थे। आगे जो भी निर्देश आएंगे, उनका पालन किया जाएगा। - डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, चरखी दादरी।