चरखी दादरी। जल्द भुगतान राशि मिलने की उम्मीद से जिले के किसानों ने गेटपास कटवाने के बाद मंडी में आढ़तियों के पास 5 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की फसल डाली थी लेकिन 20 दिन गुजर जाने के बाद 783 किसानों के खाते में 10.06 करोड़ रुपये की भुगतान किया गया है। वंचित किसानों में सरकार के खिलाफ गहरा रोष बनता जा रहा है। उन्होंने जल्द भुगतान राशि पहुंचाने के लिए मंडी में खरीदे गए गेहूं का उठान करवाने की मांग की है। ताकि किसानों को राहत की सांस मिल सके।
सरकारी घोषणा के बाद जिले के किसानों ने अनाज मंडी व बनाए गए सब खरीद केंद्रों पर 12,610 गेटपास कटवाने के बाद 5,74,618 क्विंटल गेहूं आढ़तियों के पास डाला था। सरकारी एजेंसियों ने इस अवधी के दौरान 2,74,450 क्विंटल गेहूं की खरीद ही खरीद कर पाई। मंडियों में धीमी उठान प्रक्रिया के चलते आढ़तियों व किसानों के विरोध के बाद 1,09,353 की उठान हो पाई है। इसके कारण किसानों के खाते में भुगतान राशि पहुंचने में देरी हो रही है। सोमवार को भिवानी हैफेड प्रबंधक से मिली जानकारी अनुसार अभी तक 783 किसानों के 38,941 क्विंटल गेहूं की 10,06,62,000 रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। भुगतान से वंचित 11, 827 किसानों ने मंडी में रखे गेहूं की जल्दी उठान करवाने की मांग की है ताकि किसानों के खाते में भुगतान राशि पहुंच सके।
138 करोड़ रुपये का गेहूं मंडियों में बिखरा
जिले के सरकारी खरीद केंद्रों में गेहूं की फसल की खरीद व उठान नहीं होने से 11,827 किसानों का 5,35,677 क्विंटल गेहूं मंडियों में धूल फांक रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित 2,585 प्रति क्विंटल भाव अनुसार जिले के खरीद केंद्रों पर 138.47 करोड़ रुपये का गेहूं बिखरा पड़ा है।
खरीद केंद्रों में आवक, खरीद व उठान का आकड़ा:
खरीद केंद्र कुल आवक खरीद गई गेहूं का आकड़ा कुल उठान
दादरी 2,33,052 1,27,551 35,536
बाढड़ा 92,810 29,189 15,539
झोझू कलां 27,622 11,289 9,100
बौंद कलां 1,00,084 58,024 23,579
बेरला 42,576 15,767 10,233
छपार 78,474 32,630 15,366
नोट: दर्शाए गए आंकड़े मार्केट कमेटी की ओर से 19 मार्च तक उपलब्ध करवाए गए रिकॉर्ड अनुसार है।
वर्सन:
सरकारी गोदाम में फसल पहुंचने के बाद ही किसानों के खाते में भुगतान राशि भेजी जाती है। हमारे पास सोमवार तक 38 हजार 941 क्विंटल गेहूं पहुंचने का आंकड़ा पहुंचा था। गेहूं की पहुंच के बाद हमने 783 किसानों के खाते में 10,06,62,000 हजार रुपये की राशि भेज दी गई है। - पुनीत पंघाल, प्रबंधक, हैफेड भिवानी