फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन धरने पर बैठे पार्षदों की संख्या बढ़कर हुई 12, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन

विज्ञापन
धरने के समर्थन में पहुंचे पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान और पार्षद नारेबाजी करते हुए। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
बेपटरी सीवर और जल आपूर्ति की व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पार्षदों को संख्या दूसरे दिन और बढ़ गई। लघु सचिवालय में शुरू किए गए धरने पर पहले दिन जहां दस पार्षद पहुंचे थे, वहीं बुधवार को दूसरे दिन उनकी संख्या 12 हो गई। इन पार्षदों ने राष्ट्रपति के नाम सीटीएम जितेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य विभाग पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इस ज्ञापन की कापी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित जिला उपायुक्त धर्मवीर सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग इंजीनियर इन चीफ पंचकूला व कार्यकारी अभियंता चरखी दादरी को भी भेजी गई है।
विज्ञापन

ज्ञात रहे कि शहर में सीवर ब्लॉकेज और पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से व्यवस्थाएं डगमगाई हुई हैं। लंबे इंतजार के बाद भी समाधान न होने से नाराज दस पार्षद मंगलवार को लघुुु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को दो और पार्षद धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान पार्षदों ने नारेबाजी कर रोष जाहिर किया। इससे पहले मंगलवार रात भी पार्षद धरनास्थल पर डटे रहे। बुधवार को सीटीएम जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर पार्षदों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। इस दौरान पार्षदों ने उन्हें राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पार्षदों ने बताया कि चरखी दादरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करीब तीन साल पहले जिला घोषित किया था। दादरी शहर की सीवर व्यवस्था पिछले लंबे समय से ठप पड़ी है। सीवर का पानी शहर की सड़कों और गलियों में जगह-जगह भरा हुआ है। पानी की सप्लाई में भी सीवर का पानी मिक्स होकर पहुंच रहा है। पिछले दो सालों से समस्याओं के समाधान की मांग पार्षद लगातार उठा रहे हैं। इस संबंध में जन स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके अलावा पार्षद क्रमिक अनशन, भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इसके बाद भी हालात में कोई सुुधार नहीं हुआ है और पूरे शहर के लोग इस समय परेशान हैं। बुधवार को पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी पार्षदों को समर्थन देने धरनास्थल पर पहुंचे। पार्षद विरेंद्र पप्पू ने बताया कि यह धरना शहरवासियों की समस्याओं को लेकर दिया जा रहा है। इसलिए लोगों से अपील है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरनास्थल पर पहुंचे।
विज्ञापन

इन पार्षदों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
सीटीएम जितेंद्र सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन वाइस चेयरमैन बबलू श्योराण, पार्षद विरेंद्र पप्पू, रविंद्र गुप्ता, विनोद वाल्मीकि, बख्शी सैनी, आनंद महराणा, कुलदीप गांधी व पार्वती सैनी सहित पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट विक्रम श्योराण, प्रवीन सैनी, दीपक चौहान व विरेंद्र सांगवान आदि ने सौंपा है। इन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि होने के नाते समस्याओं का समाधान कराना उनका नैतिक दायित्व है। लेकिन प्रशासन से उन्हें केवल आश्वासन मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें