आयुषमान के तहत इलाज करवाने अस्पताल में पहुंची महिला ।
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आयुष्मान योजना शुरू हुए करीब एक साल बीतने को है, लेकिन जिले के पात्र लोगों के अभी तक गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार ऐसे पांच हजार पात्र लोग हैं जिनके अभी गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं। इसका मुख्य कारण योजना को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है। वहीं, विभाग के पास संसाधनों की कमी (आयुष्मान काउंटरों की संख्या कम होना) भी गोल्डन कार्ड न बन पाने का कारण है। फिलहाल जिले के पात्र लोगों में से एक चौथाई के कार्ड नहीं बन पाए हैं और इसके चलते वो निजी अस्पतालों में पांच लाख तक की निशुल्क उपचार सेवा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉक्टर अभिमन्यु ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने का सौ फीसदी टारगेट जल्द हासिल कर लिया जाएगा।
ज्ञात रहे कि आयुष्मान योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को की थी। चरखी दादरी जिले के 23132 लोग इस योजना के पात्र थे। अभी भी करीब पांच हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। अब तक विभाग की तरफ से 18 हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से करीब ढाई सौ लोग पैनल में शामिल छह अस्पतालों में जाकर अपना उपचार करवा चुके हैं। वहीं, बौंदकलां क्षेत्र के पात्र लोगों के दस्तावेज जमा कराने के बाद भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। लोगों ने बताया कि पात्र होने के बाद भी उन्हें अब तक आयुष्मान योजना से नहीं जोड़ा गया है। इसके चलते वो पांच लाख तक के निशुल्क उपचार का लाभ नहीं उठा पा रहे। वहीं, आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आयुष्मान मित्र सहित आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स की विभाग मदद ले रहा है। जल्द ही सभी पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाकर वितरित कर दिए जाएंगे।
आयुष्मान योजना नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि दोनों आयुष्मान काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दे दिए हैं। दस्तावेज जमा कराने के बाद अगर किसी का गोल्डन कार्ड नहीं बना है तो वह अस्पताल आकर संपर्क कर सकता है।