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स्वामित्व योजना : दो साल बाद भी नहीं बन पाई 12 हजार मकान मालिकों की प्रॉपर्टी आईडी

Sun, 12 Feb 2023 04:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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झोझूकलां गांव में बने मकान।
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चरखी दादरी। स्वामित्व योजना के तहत गांवों में प्रापर्टी आईडी बनाने का कार्य दो साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ सका है। करीब 12 हजार मकानों की प्रॉपर्टी आईडी अभी बनना बाकी है, जबकि 90 हजार से अधिक घरों की आईडी बन चुकी है। समय-समय पर मीटिंग में डीसी की ओर से इस संबंध में डेडलाइन निर्धारित की जाती है लेकिन उसके बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पंचायत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समय जो प्रापर्टी आईडी पेंडिंग हैं वे चंडीगढ़ स्थित मुख्य कार्यालय से अप्रूवल होनी हैं।
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लाल डोरा के अंदर सीमा की पैमाइश कर ड्रोन से सर्वे का कार्य 2020 में ही पूरा हो गया था। अब तक जिले की 166 ग्राम पंचायतों में 85 प्रतिशत लोगों के मकानों की प्रॉपर्टी आईडी बन चुकी हैं। यह काम पूरा होने के बाद लोग अब लाल डोरा की सीमा के अंदर भी अपने मकान की रजिस्ट्री बनवा सकेंगे।
प्रदेश में लाल डोरा सीमा में बने मकानों की रजिस्ट्रियां नहीं बन पा रही थी इन मकानों का कोई रिकाॅर्ड नहीं था। जिससे लोगों को मकान बेचने व खरीदने में असुविधा बनी रही। लोग वैसे ही अपने स्तर पर आपसी सहमति से मकानों की खरीद-फरोख्त करते रहे हैं। सन 2020 में सरकार ने गांवों में लाल डोरा की सीमा में मकानों की रजिस्ट्री बनवाने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की थी ताकि ग्रामीणों को परेशानी न होने पाए।
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- हर घर की अलग बन रही प्रॉपर्टी आईडी
गांवों में लोगों के अपने पुश्तैनी मकान बने हुए हैं। संयुक्त परिवार से एकल परिवार बनने पर एक ही पिता की संतान आपस में मकान का बंटवारा करते रहे हैं। ऐसे में कई बार आपसी मनमुटाव भी होते रहे है। अब सरकार गांवों में प्रत्येक मकान मालिक की अलग से प्रॉपर्टी आईडी बनाने जा रही है।
- पहले चरण में की गई थी पैमाइश
पहले चरण में लाल डोरा के अंदर की जमीन की पैमाइश की गई। ड्रोन से गांव का फोटो लिया गया। उसके बाद सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से गांव का प्री-नक्शा तैयार किया गया। तत्पश्चात मलकियत की सूची तैयार की गई ताकि यह पता चल सके कि मकान का कौन मालिक है। प्रत्येक मकान मालिक का आधार नंबर और अन्य आवश्यक आईडी रिकार्ड में दर्ज की गई। उसके बाद प्रॉपटी आईडी बनाने का कार्य शुरू किया गया। मकानों का नक्शा तैयार होने के बाद लोगों से आपत्तियां भी सुनी गई।
- लोगों के दस्तावेज नहीं पूरे
पंचायत विभाग के ग्राम सचिव दर्शन सिंह का कहना है कि काफी संख्या में लोगों के कागजात अधूरे हैं। ग्रामीणों द्वारा आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। वंचित रहे लोगों की समस्याओं का समाधान करवाया जा रहा है। चंडीगढ़ से आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी होनी है।
यह कार्य अंतिम चरण में है। अब जो भी इस योजना से वंचित है उनका कार्य पूरा करवाया जा रहा है। ग्राम सचिव व अन्य कर्मचारी सीधे मुख्यालय जाकर मकान मालिकों की प्रॉपर्टी बनवा रहे हैं ताकि लोग परेशान न होने पाए। प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद अब मकान बेचने व खरीदने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी।
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-अमित कुमार, योजना संयोजक, पंचायत विभाग
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