ओवरलोडिंग मंथली मामले में सबसे पहले रोहतक पुलिस के हाथ लगे दोनों दलालों ने एसआईटी के सामने कई खुलासे किए हैं। रोहतक के डेयरी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र राठी और झज्जर के खरमाण निवासी रविंद्र उर्फ काला ने प्रदेश के छह जिलों के आरटीए स्टाफ को मंथली देने की बात कबूली है। इसके अलावा उन्होंने चरखी दादरी, नारनौल, झज्जर, रोहतक, भिवानी व सोनीपत में आरटीए स्टाफ के लिए ओवरलोड वाहनों से उगाही करने वाले दस अन्य दलालों के नाम भी बताए हैं। सूत्रों की माने तो दलालों की संख्या इससे कही अधिक है।
आरोपी सुरेंद्र और रविंद्र ने बताया कि दादरी और नारनौल से डस्ट, रेती व रोड़ी भरकर चले ओवरलोड वाहनों को प्रदेश के छह जिलों से बिना चालान के वे क्रॉस कराते थे। उन्होंने कबूल किया कि इसके बदले दादरी, नारनौल, झज्जर, रोहतक, भिवानी व सोनीपत आरटीए स्टाफ को मंथली दी जाती थी। प्रत्येक जिले से एक ओवरलोड गाड़ी निकलवाने के लिए वे आठ हजार रुपये लेते थे। उन्होंने बताया कि इन सभी जिलों के आरटीए स्टाफ के साथ उनकी मिलीभगत थी। उन्होंने बताया कि मंथली की राशि आरटीए स्टाफ की मार्फत आरटीए और डीसी तक पहुंचती थी। दोनों ने कबूल किया वे पिछले छह-सात माह से ओवरलोड वाहनों से वसूली कर रहे थे। उनके अलावा अन्य कई दलाल भी इस खेल में शामिल थे।
रोहतक की टीएसआई राजेश तो सोनीपत की इंट्री लेता था सोनू
उन्होंने बताया कि रोहतक जिले में वे आरटीए स्टाफ के टीएसआई राजेश को, सोनीपत जिले की मंथली ब्राह्म्णवास निवासी सोनू को और चरखी दादरी जिले की मंथली आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित को देते थे। उन्होंने बताया कि आरटीए सहायक सचिव मनीष मदान को भी पकड़े जाने से पहले 17 मई को दस लाख रुपये मंथली के देकर आए थे। उन्होंने बताया कि रोहतक जिले के आरटीए कर्मचारी राजेश जींद वाला के साथ भी उनकी सेटिंग थी और वे उसे भी पैसे देते थे। गिरफ्तार दलाल सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसकी जानकारी के अनुसार भिवानी में पंकज मेहता और फतेहाबाद निवासी पम्मी अवैध वसूली करके अधिकारियों को रुपये देते थे।
दोनों आरोपियों ने इन दलालों के नाम किए उजागर
पुलिस पूछताछ में सुरेंद्र उर्फ काला ने बताया कि विभिन्न जिलों में ओवरलोड वाहन चलाने वालों से वसूली दलालों के माध्यम से की जाती थी। इस खेल में सुरेंद्र और रविंद्र के अलावा कई अन्य नाम भी सामने आए हैं। सुरेंद्र ने बताया कि मोनू बिश्नाई झुप्पा, अमित अहलावत, राजू इमलोटा, अशोक मलिक, गुणपाल दादरी, नारनौल निवासी मुकेश, रेवाड़ी निवासी सतेंद्र, सोनीपत निवासी जरनैल व संदीप, सोनू ब्राह्मणवास, महन निवासी नरेंद्र भी उनकी तरह दलाली का काम करते हैं।
सौ से अधिक दलाल थे सक्रिय, गिरफ्तार करे पुलिस : एडवोकेट संजीव तक्षक
चरखी दादरी जिले में ओवरलोडिंग मंथली मामले की सीबीआई जांच करने की मांग करने वाले एडवोकेट संजीव तक्षक ने बताया कि इस खेल में सौ से अधिक दलाल सक्रिय थे। अभी कुछ के नाम ही सामने आए हैं, जबकि गिरफ्तारी महज दो की ही हुई है। बाकी सभी दलाल अंडरग्राउंड हैं। पुलिस को उन्हें जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।
दोनों दलालों से बरामद हुए थे साढ़े 13 लाख रुपये
रोहतक पुलिस ने दलाल सुरेंद्र और रविंद्र को सांपला के छोटूराम पार्क के बाहर से गिरफ्तार किया था। आरोपी रविंद्र टस्कन गाड़ी में बैठा था और उसके पास से साढ़े 12 लाख रुपये बरामद किए गए थे। दूसरे आरोपी सुरेंद्र राठी क्रेटा गाड़ी में बैठा था और उससे एक लाख रुपये पुलिस ने बरामद किए थे। रविंद्र से पुलिस ने तीन मोबाइल बरामद किए थे।