पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा बैठक में मौजूद उपायुक्त व अन्य अधिकारी।
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चरखी दादरी। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र छात्र तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में इस लाभ से वंचित न रहे।
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल शुक्रवार को लघु सचिवालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों की बैठक ली और योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित है। संबंधित विभाग और शिक्षण संस्थान अनुसूचित वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग के पात्र छात्रों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदनों के सत्यापन कार्य में तेजी लाएं और लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान करें। जिले में कोई भी पात्र छात्र तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों को योजना के प्रति जागरूक किया जाए। सभी शिक्षा संस्थानों में स्टॉफ द्वारा छात्रों को फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र उच्च शिक्षा के लिए इस वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकें। बैठक में एसडीएम योगेश सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।