चरखी दादरी। शहरवासी मकान एवं दुकान का नक्शा पास करवाने में कतई रुचि नहीं ले रहे हैं। नगर परिषद ने हाल ही में 20 मकान मालिकों को नोटिस भेजे हैं। समय- समय पर नगर परिषद मकान एवं दुकानों को सील भी करती है।
नक्शा पास करवाने के लिए नगर परिषद की ओर से 120 रुपये प्रति वर्गगज फीस वसूली जाती है। नगरपालिका अधिनियम के तहत बिना नक्शा पास मकान को सील किया जा सकता है और निर्माण को तोड़ा भी जा सकता है। पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने का भी प्रावधान हैे। शहर में 32 हजार मकान हैं।
शहर का दायर लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल करीब 500 नए मकान बन रहे हैं। लोग बिना नक्शा पास करवाए ही मकान का निर्माण कर लेते हैं। अगर नगर परिषद को इसकी भनक लग जाती है तो मौके पर जाकर निर्माण रुकवाया दिया जाता है और नक्शा पास करवाया जाता है। नगर में 21 वार्ड हैं। पुराना शहर का एरिया तो काफी कम ही है। नई एवं बाहरी कॉलोनियों में मकानों की संख्या ज्यादा है। शहर से सटती कुछ कॉलोनियां तो अभी नगर परिषद की ओर से वैध भी नहीं हुई हैं।
20 हजार रुपये तक आता है खर्च
नक्शा पास करवाने के लिए पहले मकान का नक्शा बनवाना होता है। दमकल विभाग की ओर से एनओसी ली जाती है। तत्पश्चात नगर परिषद में 120 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से फीस जमा करवानी होती है। उसके बाद नगर परिषद हाउस की बैठक में नक्शा पास होता है। ऐसे में 100 वर्गगज क्षेत्रफल पर करीब 20 हजार तक का खर्च आ जाता है।
शुल्क जमा नहीं है तो एनओसी में दिक्कत
शहर में इस समय करीब 32 हजार मकानों की प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं। खाली प्लॉट का भी नगर परिषद की ओर से विकास शुल्क वसूला जाता है। खरीद-फरोख्त के समय नगर परिषद से एनओसी लेनी पड़ती है। अगर नक्शा या विकास शुल्क जमा नहीं है तो एनओसी नहीं दी जाती है जिससे जमीन की रजिस्ट्री नहीं बन पाता है।
सितंंबर माह में नगर परिषद ने 20 ऐसे लोगों को नोटिस भेजे हैं जिन्होंने मकान का नक्शा पास नहीं करवा रखा है। इन मकान मालिकाें को सात दिन का समय दिया गया है। उसके बाद नक्शा पास न करवाने पर नगर परिषद की ओर से नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद नक्शा पास न करवाने पर नोटिस भेज रही है। नक्शा पास न करवाने पर मकान एवं दुकान को सील करने का प्रावधान है। लोग अपने मकान एवं दुकान का नक्शा पास करवाने के बाद ही निर्माण कार्य करें।
- प्रवीन कुमार, बिल्डिंग इंस्पेक्टर (बीआई), नगर परिषद, चरखी दादरी।