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भंडारण की व्यवस्था नहीं, अनाज मंडी से नहीं हो रहा बाजरे का उठान

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टीनशेड के नीचे रखने के लिए गाड़ी में बैग लोढ करते श्रमिक। - फोटो : CharkhiDadri
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दादरी मंडी में पिछले दस दिनों से बाजरा खरीद हो रही है, लेकिन अब तक खरीद एजेंसी और जिला प्रशासन भंडारण की व्यवस्था नहीं कर पाया है। जिले के सभी गोदाम सरसों से भरे हैं, जिसके चलते मंडी से बाजरे का उठान नहीं हो पा रहा है। इस समय मंडी में बाजरे के करीब दो लाख 40 हजार बैग रखे हैं और वेयर हाउस वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन्हें मंडी की टीनशेड के नीचे ही रखवा रहा है। करीब एक लाख क्विंटल बाजरा अभी भी खुले में ही रखा है। मंडी सूत्रों की मानं तो अगर जल्द भंडारण की व्यवस्था नहीं की गई तो मंडी में और बाजरा रखने के लिए जगह नहीं बचेगी। इसके चलते खरीद प्रक्रिया रोकनी भी पड़ सकती है। अगर ऐसा हुआ तो किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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दादरी मंडी में दो अक्तूबर को हैफेड ने बाजरा खरीद की थी, जबकि इसके बाद से वेयर हाउस बाजरा खरीद कर रहा है। शनिवार तक वेयर हाउस ने दादरी मंडी में एक लाख 20 हजार क्विंटल बाजरा खरीदा है। भंडारण की समस्या शुरुआत से ही बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका हल नहीं ढूंढा गया है। भंडारण का विकल्प न खोजे जाने से बाजरा मंडी में खुले आसमान के नीचे ही रखना पड़ रहा है। अब तक खरीदे गए बाजरे का एक बैग भी मंडी से बाहर नहीं गया है। वहीं, वेयर हाउस के परचेज मैनेजर राजेश ग्रेवाल का कहना है कि वेयर हाउस का गोदाम सरसों से भरा है और घसोला और कोल्हावास गोदाम में भी बाजरे के भंडारण के लिए जगह नहीं बची है। उन्होंने बताया कि जिले में कोई प्राइवेट गोदाम भी नहीं है और भंडारण का विकल्प न होने के चलते मंडी से बाजरे का उठान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि वह उच्चाधिकारियों को इस हालात से अवगत करवा चुके हैं।
बता दें कि शनिवार शाम को रोहतक मंडल आयुक्त पंकज यादव भी दादरी मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने मंडी पहुंचकर बाजरा खरीद, बारदाना में भराई और उठान की जानकारी ली थी। इस दौरान मंडी में बारदाना की कमी के अलावा भंडारण के प्रबंध न होने की बात भी उनके सामने आई थी। आयुक्त ने तुरंत प्रभाव से बारदाना मंगवाकर खुले आसमान तले रखे बाजरे की भराई कराने के बाद उठान के आदेश दिए थे, ताकि खरीद प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए। आयुक्त के मंडी पहुंचने पर देर शाम ही करीब 35 हजार बैग मंडी पहुंच गए। वहीं, रविवार सुबह भी करीब बारदाना के रूप में 35 हजार बैग मंडी पहुंच हैं। रविवार को मंडी में बाजरा खरीद बंद रही और खरीद एजेंसी ने श्रमिकों के जरिए भराई का कार्य ही करवाया। परचेज मैनेजर का कहना है कि भराई और उठान में कोई दिक्कतें नहीं हैं, लेकिन भंडारण की समस्या इस समय गहराई हुई है।
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दस दिन वेयर हाउस ने और एक दिन हैफेड ने की है खरीद
दादरी मंडी में दो अक्तूबर से बाजरा खरीद की जा रही है। पहले दिन हैफेड ने बाजरा खरीद की थी और इसके बाद वेयर हाउस ने किसानों से बाजरा खरीदा है। वेयर हाउस अब तक एक लाख 20 हजार क्विंटल बाजरा खरीद चुका है, लेकिन अब तक उठान नहीं हो पाया है। परचेज मैनेजर राजेश ग्रेवाल ने बताया कि सोमवार को दादरी मंडी में हैफेड किसानों से बाजरा की खरीद करेगा।
टीनशेड के नीचे 40 हजार बैग रखने की ही जगह
भंडारण की समस्या को देखते हुए वेयर हाउस ने गत दिनों ही आढ़तियों को बाजरा के बैग रखने के लिए दो टीनशेड मुहैया कराने के लिए राजी किया था। हालांकि यह प्रबंध नाकाफी है, क्योंकि एक टीनशेड के नीचे करीब बीस हजार बैग ही रखे जा सकते हैं। अब तक हुई खरीद के अनुसार दो लाख 40 हजार बैग में बाजरे की भराई होनी है।
वेयर हाउस के परचेज मैनेजर राजेश ग्रेवाल ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में बारदाना हमारे पास पहुंच चुका है। अब तक एक लाख 20 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद हमने की है। भंडारण की व्यवस्था न होने के चलते उठान नहीं हो पा रहा है। हमने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है और जल्द ही भंडारण की समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
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