चरखी दादरी। जमीन की रजिस्ट्री के लिए अब भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के लोगों के लिए मजबूत पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समर्पित कर दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया है। उन्होंने वीसी के माध्यम से सभी जिलों में इस व्यवस्था की शुरुआत की।
जिले की ओर से उपायुक्त मनदीप कौर व अन्य अधिकारी इस दौरान ऑनलाइन जुड़े। ऑनलाइन कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने कहा कि संपत्ति रजिस्ट्रेशन की इस नई व्यवस्था से लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्हें बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। पहले के मुकाबले इस व्यवस्था में लोगों की मांग व अनुभव के आधार पर सुधार भी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अब आवेदन फॉर्म को सरल बनाया गया है। प्रथम पक्ष व द्वितीय पक्ष की आधार ई-केवाईसी को अनिवार्य, एक से अधिक अधिकृत व्यक्ति जोड़ने की सुविधा व अब कंपनियां एवं एनआरआई अधिकृत व्यक्ति नियुक्त कर सकेंगे। साथ ही डीड पार्टी, डीड राइटर, अधिवक्ता और हेल्प डेस्क के माध्यम से भरी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि यह पूर्ण डिजिटल हस्ताक्षर एवं बायोमेट्रिक प्रक्रिया है। प्राइम एवं नॉन-प्राइम खसरा प्रदर्शित होंगे।
धारा 7 से संबंधित जानकारी प्रदर्शित होगी। ऑनलाइन स्टे सत्यापन एवं स्वत: रोक व्यवस्था होगी। संबंधित विभागों की जानकारी रजिस्ट्रेशन में प्रदर्शित होगी। अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा मिलेगी। क्यूआर कोड आधारित सत्यापन होगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत अधिकतम तीन अवसरों में निर्णय होगा। अपॉइंटमेंट को तत्काल श्रेणी में परिवर्तित करने की सुविधा मिलेगी। अतिरिक्त ई-स्टॉप जोड़ने की सुविधा होगी। डीटीपी एनओसी के लिए अलग दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, विभागीय सत्यापन ऑनलाइन होगा। उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान प्रणाली में अलग-अलग स्तर पर किए जाने वाले आरसी-1 व आरसी-2 के कार्यों को एकीकृत कर दिया गया है। इससे अनावश्यक प्रक्रियाओं में कमी आएगी।
इससे प्रत्येक व्यक्ति की स्पष्ट एवं स्थायी पहचान स्थापित होगी। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था से नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं सुरक्षित प्रक्रिया, फर्जीवाड़े पर रोक, कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति, ऑनलाइन सत्यापन से समय की बचत, दस्तावेजों की प्रामाणिकता बढ़ना, स्टाम्प ड्यूटी की सही गणना सुनिश्चित होना जैसे प्रमुख सुधारों को लाभ मिलेगा।
उपायुक्त ने बताया कि आज के समय में इंतकाल करवाने के लिए नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में रजिस्ट्री होने के बाद भी लंबे समय तक इंतकाल दर्ज नहीं हो पाता जिससे किसानों एवं भूमि स्वामियों को परेशानी होती है। राजस्व विभाग पिछले एक वर्ष से इस समस्या के समाधान पर लगातार कार्य कर रहा था।