फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: सिविल अस्पताल में सर्जन नहीं, सामान्य ऑपरेशन बंद होने से मरीजों का बढ़ रहा मर्ज

Fri, 03 Feb 2023 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
सिविल अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर। संवाद
विज्ञापन
चरखी दादरी। 100 बेड के सिविल अस्पताल में पिछले एक साल से सामान्य ऑपरेशन बंद पड़े हैं। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर तो हैं लेकिन सर्जन तैनात नहीं है। अस्पताल से इस समय सर्जरी के मरीजों को भिवानी सिविल अस्पताल या रोहतक पीजीआई रेफर किया जा रहा है। इसके चलते उन्हें 60 से 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में छोटे ऑपरेशन बंद होने से मरीज बड़ी दिक्कतें झेल रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले एक साल की बात करें तो करीब 450 से अधिक मरीज रेफर किए गए हैं और इससे दोगुनी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। निजी अस्पतालों में पेट संबंधी सर्जरी का खर्च औसतन एक लाख रुपये तक आता है जबकि सिविल अस्पताल में प्रदेश के नागरिकों के लिए यह सुविधा निशुल्क है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सर्जन तैनाती की डिमांड वो हेड आफिस भेज चुके हैं। डिमांड पूरी होते ही सामान्य सर्जरी दोबारा से शुरू कर दी जाएगी।
दरअसल, सिविल अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन सुविधा करीब साढ़े तीन साल पहले तत्कालीन सीएमओ डॉ. विरेंद्र यादव ने शुरू कराई थी। इसके बाद यहां सर्जन के तौर पर डॉ. अंकित जांगड़ा अपनी सेवाएं दे रहे थे। ऑपरेशन सुविधा का मरीजों को काफी लाभ मिल रहा था। करीब एक साल पहले सर्जन डॉ. अंकित का यमुनानगर तबादला हुआ था। इसके बाद से ही दादरी को सर्जन नहीं मिला। इसके चलते एक साल से सामान्य ऑपरेशन तक बंद हैं और मरीज परेशान हैं।
विज्ञापन

- सिविल अस्पताल के अधीन हैं 12 पीएचसी और तीन सीएचसी
चरखी दादरी सिविल अस्पताल के अधीन 12 पीएचसी और तीन सीएचसी आते हैं लेकिन जिले में एक भी सर्जन नहीं है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की बेहद दरकार है लेकिन विशेषज्ञों की कमी है। जिले को फिलहाल कम से कम दो सर्जन चाहिए।
- दस हजार से एक लाख तक है सर्जरी का खर्च
विभागीय सूत्रों के अनुसार हर्निया जैसी सर्जरी के निजी अस्पतालों में दस से पंद्रह हजार रुपये तक चार्ज किया जाता है। इसके अलावा अगर पेट संबंधी कोई ऑपरेशन है तो इसका सामान्य तौर पर खर्च एक लाख रुपये तक आता है। पित की थैली के ऑपरेशन के निजी अस्पतालों में 20 से 30 हजार के बीच खर्च आ जाता है लेकिन ये सभी ऑपरेशन सिविल अस्पताल में निशुल्क हैं।
प्रतिमाह रेफर होते हैं 45 मरीज
दादरी सिविल अस्पताल में एक साल से सर्जन की पोस्ट खाली पड़ी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रतिमाह छोटी सर्जरी संबंधी 45 मरीज दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाते हैं। करीब 12 माह से ऑपरेशन बंद हैं और इस लिहाज से एक साल में करीब 500 से अधिक सर्जरी संबंधी मरीज अन्य जिला अस्पतालों में रेफर किए गए हैं। इसके चलते मरीज और तीमारदारों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी।
प्रदेश से बाहर के व्यक्ति के लिए निशुल्क नहीं है ऑपरेशन सुविधा
प्रदेश सरकार ने सिविल अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा केवल प्रदेशवासियों के लिए ही निशुल्क की हुई है। सिविल अस्पतालों में छोटे या बड़े ऑपरेशन का कोई चार्ज मरीज को नहीं देना होता। अगर मरीज हरियाणा से बाहर का रहने वाला है तो उसे करीब साढ़े तीन हजार रुपये जमा कराने होंगे।
- ऑर्थो ऑपरेशन हो रहे ओटी में
सिविल अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में इस समय ऑर्थो ऑपरेशन हो रहे हैं। ऑर्थो स्पेशलिस्ट की तैनाती का मरीजों का पूरा लाभ मिल रहा है। अब तक सिविल अस्पताल में ऑर्थो विशेषज्ञ 300 से अधिक ऑपरेशन कर चुके हैं।
सर्जन का पद खाली है और इसके चलते सामान्य ऑपरेशन बंद हैं। ऑर्थो ऑपरेशन में ओटी प्रयोग हो रहा है और जल्द ही सर्जन की तैनाती होते ही सामान्य ऑपरेशन सुविधा फिर से बहाल कर देंगे।
विज्ञापन

-डॉ. कृष्ण कुमार, सीएमओ, चरखी दादरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें