चरखी दादरी। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने सुबह नगर परिषद कार्यालय को ताला जड़ दिया। इन कर्मचारियों ने तहसीलदार सूरत सिंह के पुलिस बल के साथ पहुंचने पर करीब डेढ़ घंटे बाद ताला खोला और इसके बाद अधिकारी अपने कार्यालयों में प्रवेश कर सके। वहीं दोपहर बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल तीन दिन और बढ़ा दी। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों से कचरा उठान के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था को भी हड़ताली कर्मचारियों ने फेल कर दिया।
बता दें कि पिछले आठ दिनों से नगर परिषद सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। 212 में से करीब 12 कर्मचारियों को छोड़कर 200 कर्मचारी झाडू छोड़कर धरना दे रहे हैं। इसके चलते गत बुधवार से ही शहर में कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। वहीं अब तक शांतिपूर्वक धरना दे रहे कर्मचारियों ने अब अपने तेवर तलख कर लिए है और इसकी बानगी बुधवार सुबह देखने को मिली।
करीब 9 बजे हड़ताल में शामिल कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के प्रथम तल पर पहुंचे और यहां अलग-अलग शाखाओं के 11 कमरों को ताले जड़ दिए। इसकी सूचना मिलते ही तहसीलदार पुलिस बल लेकर वहां पहुंचे। उनके समक्ष हड़ताली कर्मचारियों ने अपनी मांगें रखीं। इसमें सबसे प्रमुख मांग विभिन्न पॉलिसी के तहत लगे कच्चे कर्मचारियों को कार्यालय में बैठाने की बजाय धरनास्थल पर भेजना रही। प्रशासन से बातचीत के करीब डेढ़ घंटे बाद कर्मचारियों ने ताले खोल दिए। दूसरी ओर लगातार आठवें दिन शहर से कचरे का उठान नहीं हुआ और हड़ताल बढ़ाने के साथ कर्मचारियों ने नगर परिषद अधिकारियों को सफाई न करने और एजेंसी द्वारा करने पर विरोध करने की चेतावनी दी। वहीं शाम करीब साढ़े चार बजे भी तहसीलदार पुलिस बल के साथ नगर परिषद कार्यालय पहुंचे।
14 डंपिंग प्वाइंट कचरे से अटे, कचरे को आग लगा रहे लोग
शहर में 14 अस्थाई डंपिंग प्वाइंट हैं जिनमें शहर के विभिन्न क्षेत्रों का कचरा डाला जाता है। नगर परिषद कर्मचारी यहां से कचरे का उठान कर डंपिंग यार्ड तक पहुंचाते हैं। इन सभी डंपिंग प्वाइंट से पिछले आठ दिनों से कचरा नहीं उठा है। इसके अलावा उठान न होने से परेशान लोग अब कचरे को आग लगाने लगे है जो पर्यावरण के लिहाज से सही नहीं है।
कर्मचारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था यूं की फेल
दरअसल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर नगर परिषद ने एक एजेंसी हायर की है। यह एजेंसी शहर के लिए 20 कर्मचारी और चार ट्रैक्टर मुहैया करवा रही है ताकि मुख्य मार्गों पर पड़ा कचरा उठाया जा सके। सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद अधिकारियों की इस वैकल्पिक व्यवस्था को फेल कर दिया है। मंगलवार रात भी नगर परिषद सफाई कर्मचारियों ने एजेंसी के कर्मचारियों को कचरे का उठान नहीं करने दिया।
एक्सपर्ट व्यू: दुर्गंधमय माहौल से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा
अगर हमारे आसपास कचरा रहे तो इसमें कीटाणु पैदा हो जाएंगे और फिर मच्छर-मक्खी पनपेंगे। ये खाद्य सामग्री तक पहुंचेंगे और सेवन करने से हम संक्रामक बीमारियों का शिकार होंगे। मेरी अपील है कि इन बीमारियों से बचने के लिए लोग आसपास सफाई रखें। कचरे को आग कतई न लगाएं।
डॉ. कृष्ण सिंह, सीएमओ, चरखी दादरी
लोग बोले: नहीं उठ रहा कचरा, झेल रहे परेशानी
शहर कचरे से अटा पड़ा है और ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे। 8 दिन से कचरा सड़ रहा है और लोग काफी परेशान हैं। नगर परिषद और प्रशासन को समस्या पर संज्ञान लेना चाहिए।
श्रीभगवान बंसल, शहीद मार्केट
- सरकार और सफाई कर्मचारियों की खींचतान का खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं। हर गली और सड़क पर कचरे के ढेर लगे हैं और यहां से गुजरना लोगों के लिए दूभर बना हुआ है।
प्रकाश, रोहतक रोड मार्केट
- शहर में पिछले कई दिनों से सफाई नहीं हो रही है और लोग बेहद परेशान हैं। कर्मचारियों की हड़ताल को आठ दिन हो चुके हैं और अब तक नगर परिषद ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
मनफूल शर्मा, क्लोथ मार्केट प्रधान
- प्रतिष्ठानों के बाहर ही नहीं बल्कि अंदर भी कई दिनों का कचरा है। सफाई न होने से वातावरण दुर्गंधमय बना हुआ है और पूरा शहर परेशानी झेल रहा है। अधिकारियों को समस्या पर संज्ञान लेना चाहिए।
गजेंद्र पंवार, दुकानदार