ग्रामीणों से संवाद करते हुए पुलिस के अधिकारी।
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चरखी दादरी। पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार के निर्देशन में जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे व्यापक जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को एंटी नारकोटिक्स सेल एवं जिला पुलिस की विभिन्न टीमों की ओर से गांव पैंतावास खुर्द, डोहकी, नरसिंहवास, अख्तायरपुरा और भैरवी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों तथा समाज पर पड़ने वाले इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अभियान में एंटी नारकोटिक्स सेल के एएसआई राहुल फोगाट, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रांत सिंह और थाना सदर प्रभारी निरीक्षक सतबीर सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ गांवों में पहुंचे और लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। नशे की लत के कारण अपराधों में वृद्धि होती है पारिवारिक रिश्ते कमजोर पड़ते हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
पुलिस टीमों ने लोगों को बताया कि मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी एवं सेवन से संबंधित मामलों में कठोर कानूनी प्रावधान लागू हैं। ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में कोई व्यक्ति नशे का कारोबार करता है या मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को विशेष रूप से खेल, शिक्षा, स्वरोजगार तथा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य है और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखने तथा उन्हें सही दिशा में प्रेरित करने का आग्रह किया।