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किसान आंदोलन: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने लिखा पत्र, कहा-गलत राह पर हैं मोदी-शाह 

Sat, 24 Apr 2021 11:25 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चरखी दादरी (हरियाणा)

सार

राज्यपाल मलिक ने दादरी के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप-40 के प्रधान सोमबीर सांगवान को पत्र भेजा है जिसमें किसान आंदोलन को जायज ठहराया गया है। वहीं, इस पत्र में अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गलत रास्ते पर चलने की बात कही गई है।  
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तरफ से भेजा गया पत्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर से कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने दादरी के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप-40 के प्रधान सोमबीर सांगवान को पत्र भेजा है जिसमें किसान आंदोलन को जायज ठहराया गया है। वहीं, इस पत्र में अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गलत रास्ते पर चलने की बात कही गई है। दादरी विधायक सोमबीर सांगवान ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक का पत्र मिलने की पुष्टि की है।
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किसान नेता एवं विधायक सोमबीर सांगवान को लिखे पत्र में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को यह बताने की कोशिश की है कि वे गलत रास्ते पर हैं और किसानों को दबाने, डराने और धमकाने का प्रयास न करें। 
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मई के पहले सप्ताह में दिल्ली आएंगे मलिक

राज्यपाल ने पत्र में बताया कि मैंने यह भी कहा है कि किसानों को दिल्ली से खाली हाथ न लौटाएं। मैं मई के पहले सप्ताह में दिल्ली आ रहा हूं और इससे संबंधित सभी नेताओं से संपर्क करके किसानों के पक्ष में उन्हें सहमत करने का प्रयास करूंगा। सोमबीर सांगवान ने बताया कि किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को पत्र लिखा था। इस पत्र का अब उन्होंने जवाब दिया है। विधायक ने अमर उजाला को पत्र की प्रति भी मुहैया करवाई है।

सरकार कर रही आंदोलन को तोड़ने और बदनाम करने का काम
राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि आंदोलन के कारण 300 से अधिक किसानों को खोना दुखद है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इन किसानों के प्रति संवेदना में एक शब्द भी नहीं कहा। केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है और वह आंदोलन को तोड़ने और बदनाम करने का प्रयास कर रही है। किसान बधाई के पात्र है कि इन सबके बावजूद वे शांतिपूर्ण तरीके से शानदार और लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।
 
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