33 केवी सब पावर स्टेशन सांजरवास के अधीन 18 गांवों में मंगलवार रात को आठ घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली कट से लोग रातभर परेशान रहे। मच्छरों के बीच लोगों को जाग कर रात काटनी पड़ी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेन लाइन की डिस्क में खराबी आने पर बिजली आपूर्ति ठप रही।
बौंदकलां फीडर में मंगलवार रात साढ़े नौ बजे बिजली गुल हो गई। आधे घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद सप्लाई फिर आई, लेकिन इसके कुछ देर बाद तीन बार फिर ट्रिपिंग हुई। फिर रात 12 बजे के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। घंटे तक इंतजार करने के बाद रात एक बजे ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बहाल होने के बारे में पूछताछ के लिए सांजरवास पावर सब स्टेशन में कॉल की, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। पूछताछ केंद्र पर जबाव नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने जेई और एसडीओ के नंबर पर भी फोन कॉल की, लेकिन बिजली अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। लोगों को पूरी रात जाग कर काटनी पड़ी। करीब सुबह आठ बजे जाकर गांवों में बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
इन गांवों में गुल रही बिजली
गांव बौंदकलां, बौंद खुर्द, रणकोली, निमड़ी, मालकोष, ऊण, सांजरवास, सांवड़, लांबा, कोहलावास, मिसरी, जयश्री, झींझर, भागेश्वरीए, अचीना, बास, रानीला और फौगाट में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
ब्रेक डाउन के चलते बिजली हुई गुल
33 केवी पावर सब स्टेशन सांजरवास के प्रभारी कुलदीप यादव ने बताया कि 33 हजार वोल्टेज की मुख्य लाइन की डिस्क में खराबी आने के कारण लाइन ब्रेक डाउन हो गई, जिसके चलते बिजली गुल हो गई थी। सुबह आठ बजे सभी फीडरों में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। कॉल रिसीव नहीं करने पर उन्होंने जबाव दिया कि पूछताछ केंद्र का नंबर व्यस्त रहता है। कई बार फोन की बैटरी लो होने के कारण भी कॉल रिसीव नहीं हो पाती।