चरखी दादरी। जिले की प्रमुख नहरों लोहारू फीडर और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में दूषित और रसायनयुक्त पानी डालने पर अधिवक्ता प्रशांत गहलोत ने सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित अधिकारियों व प्रदेश सरकार को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में विभागीय मिलीभगत और लापरवाही को उजागर करते हुए इसे जनस्वास्थ्य और संविधान दोनों का उल्लंघन बताया गया।
अधिवक्ता प्रशांत गहलोत ने कहा है कि ये नहरें चरखी दादरी शहर और गांवों में पेयजल आपूर्ति की जीवनरेखा हैं। विभाग इन्हीं नहरों से पानी उठाकर जलघरों के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाता है। इन नहरों में बिना उपचारित अपशिष्ट जल, जहरीली दवाओं के अंश, साबुन और अन्य रसायन युक्त तत्व डाले जा रहे हैं। इससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रशांत गहलोत ने कहा कि इस मुद्दे पर बार-बार प्रशासन से अपील की गई कि दूषित पानी की निकासी के लिए अलग ड्रेन बनाई जाएं। वहीं, अधिवक्ता संजीव तक्षक ने लीगल नोटिस में कहा है कि यदि 15 दिनों के अंदर नहरों में दूषित पानी की निकासी पर प्रभावी रोक लगाने और न्यायिक आदेशों के अनुपालन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को उच्च न्यायालय और यदि आवश्यक हुआ तो सर्वोच्च न्यायालय तक भी ले जाएंगे।