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Charkhi Dadri News: एंबुलेंस से लेकर ऑपरेशन थिएटर तक मिलीं खामियां, स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई सख्ती

Thu, 18 Jun 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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गांव झोझूकलां पीएचसी में मिली अनियमिताओं को लेकर दिशा निर्देश देते निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने और उनमें सुधार लाने के उद्देश्य से पंचकूला से स्वास्थ्य विभाग की सार्थक टीम ने वीरवार को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बौंद कलां सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में कई गंभीर खामियां सामने आईं जिस पर स्वास्थ्य विभाग के एमसीएच निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
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सार्थक टीम डॉ. गुरुप्रीत सिंह और डॉ. संदीप बुरान के नेतृत्व में सुबह करीब साढ़े आठ बजे सीएचसी बौंद कलां पहुंची। इसके बाद सुबह 10 बजे एमसीएच निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव भी अस्पताल पहुंचे और दोपहर करीब डेढ़ बजे तक अस्पताल परिसर और विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार, एसएमओ डॉ. टीकाराम और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य द्वारा के पास मिला खोखा
बौंदकलां सीएचसी के निरीक्षण के दौरान अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास लोहे का खोखा रखा मिला जिस पर निदेशक ने कड़ी नाराजगी जताई। अस्पताल की चहादीवार के साथ बनी अवैध पार्किंग पर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित मामले में एसडीएम और थाना प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य गेट के समीप शौचालय होने पर भी उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
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कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश
बौंद कलां सीएचसी परिसर में मिट्टी और निर्माण सामग्री बिखरी मिलने पर निदेशक ने नाराजगी जताते हुए एचकेआरएन के 10 सफाई कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। परिसर में खड़ी डायल-112 एंबुलेंस का निरीक्षण करने पर उसका एसी खराब मिला और भीतर लोहे की संदूक रखी पाई गई। उन्होंने चालक और ईएमटी से वाहन रखरखाव, दवाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी लेकर स्पष्टीकरण मांगा।

आशा को नहीं मिली एंबुलेंस
सार्थक टीम के सदस्यों ने बताया कि बीती रात एक आशा कार्यकर्ता को 112 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी जिसके कारण मरीज को निजी वाहन से अस्पताल लाना पड़ा। अस्पताल परिसर में पर्याप्त रोशनी न मिलने पर सभी लाइटें चालू कराने के निर्देश दिए गए। पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। मरीजों की पर्चियां काउंटर के बजाय अंदर बनाई जा रही थीं और वहां ऊंचाई मापने का यंत्र भी उपलब्ध नहीं था। पंजीकरण कक्ष में लेबर बेड रखा मिलने पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई गई।

लैब में बंद मिली मशीन
निरीक्षण के दौरान आईसीटीसी केंद्र, दंत चिकित्सा कक्ष, प्रयोगशाला, एक्स-रे रूम, औषधालय, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर का भी निरीक्षण किया गया। लैब की एक जांच मशीन बंद मिली जबकि डिस्पेंसरी के बाहर सेवाओं से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगा था। शिकायत पेटिका पर ताला न होने पर भी नाराजगी जताई गई।

ऑपरेशन थिएटर में मिली खामियां
ऑपरेशन थिएटर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। ओटी में चादर लटकी होने, कई कमरों में ताले लगे होने और मरीजों के उपयोग वाले कमरों का कार्यालय और अन्य कार्यों में इस्तेमाल होने पर निदेशक ने कड़ी आपत्ति जताई। ऊपरी मंजिल पर एंबुलेंस चालकों के रहने की व्यवस्था, टायर और मेडिकल उपकरण रखे मिलने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। लाखों रुपये कीमत के चिकित्सा उपकरण एक साथ रखे होने पर जवाब मांगा गया।
वर्सन:
टीम की ओर से दादरी जिले की सीएचसी का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के आदेश दिए है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। - डॉ. वीरेंद्र यादव, निदेशक, स्वास्थ्य विभाग
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