चरखी दादरी। वार्ड-आठ के लोग मूलभूत सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं। नप चुनाव के मद्देनजर वार्ड के लोग मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने वाले और वार्ड में विकास की चरखी घुमाने वाले के पक्ष में मतदान करने का दम भर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अनियमित व दूषित पेयजल की आपूर्ति वार्ड की सबसे प्रमुख समस्या है। इसके अलावा बेपटरी सीवर व्यवस्था और जर्जर गलियां भी उनके परेशानियां बढ़ा रही हैं। वार्डवासियोें का कहना है कि नप चुनाव में जो भी पार्षद जीते, वो सीवर, पेयजल व गलियों जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरी करवाए।
वार्ड आठ की आबादी करीब छह हजार है। वार्ड में 900 घर हैं, जबकि मतदाताओं की संख्या 1800 है। वार्ड की छह हजार की आबादी को सामुदायिक केंद्र की कमी भी खल रही है। यह मांग पूरी होने पर वार्ड के गरीब तबके के परिवारों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा। संवाददाता से बातचीत में वार्डवासियों ने बताया कि उनके वार्ड में करीब 40 साल पुरानी पेयजल लाइनें डली हुई हैं, जो कई जगह से कंडम हो चुकी हैं। इसके चलते घरों में दूषित पानी की आपूर्ति के साथ लो-प्रेशर की समस्या भी बनी है।
लोगों ने बताया कि पिछले चार साल से इस समस्या को अनेकों बार जनस्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें समस्या से छुटकारा नहीं मिला है। इस बार चुनाव में पेयजल समेत सीवर, जर्जर गलियों और सामुदायिक केंद्र निर्माण का मुद्दा अहम रहेगा।
30 फीसदी गलियां हैं जर्जर
वार्ड आठ में कुल 25 गलियां है और इनमें से दो गली लेवल से नीची हैं तो पांच जर्जर हैं। लोगों ने बताया कि कई दफा नगर परिषद अधिकारियों से गलियों के निर्माण की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक यह समस्या भी दूर नहीं हुई है, जिसका दंश सैकड़ों लोग झेल रहे हैं।
ये हैं वार्ड की समस्याएं
- वार्ड में सीवर ओवरफ्लो के कारण माहौल दुर्गंधमय बना रहता है।
- वार्ड की कुछ गलियों में अभी भी पेयजल लाइन नहीं डाली गई हैं।
- जर्जर गलियों का निर्माण न होने से वार्ड के लोग परेशान हैं।
- वार्ड में सामुदायिक केंद्र की कमी भी लोगों को खल रही है।
ये हैं मांगें
- वार्ड में सामुदायिक केंद्र का निर्माण हो।
- जर्जर पेयजल लाइनों को बदला जाए।
- कंडम गलियों का पुनर्निर्माण करवाया जाए।
- सीवर लाइनों की ब्लॉकेज खोली जाए।
वार्ड-एक से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- आबादी - 6000
- गली - 25
- वोटर - 1800
लोग बोले : जनसमस्याओं का नहीं हो पा रहा निराकरण
- वार्ड के घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। चार साल से इस पेयजल लाइन को बदलने की मांग विभाग से कर रहे हैं, जो आज तक पूरी नहीं हो सकी है। जनसमस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
- संदीप, वार्डवासी।
वार्ड में सीवर लाइन ब्लॉक पड़ी हुई है और मैनहोल बैक मार रहे हैं। कई दिनों तक दूषित पानी घरों के सामने भरा रहने से इसमें मच्छर पनप रहे हैं और लोगों में बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है।
- हुक्म सिंह, वार्डवासी।
वार्ड में दो गलियां लेवल में नहीं है, जिसके चलते बारिश के मौसम में दो-दो फुट तक पानी भर जाता है। जर्जर गलियों के निर्माण की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते वार्ड के लोग परेशान हैं।
- हरिसिंह, वार्डवासी।
वार्ड में एक सामुदायिक केंद्र निर्माण की मांग पिछले लंबे समय से उठा रहे हैं, जो अब तक परवान नहीं चढ़ी है। वार्ड में कई गरीब परिवार हैं और भवन बनने से बेटा-बेटी की शादी करने में उन्हें परेशानी नहीं होगी।
- रामकुमार, वार्डवासी
वर्जन
वार्ड में दूषित पेयजल आपूर्ति व सीवर समस्या की शिकायत दूर करने के लिए विभाग को शिकायत कर चुका हूं। वार्ड में सामुदायिक केंद्र बनाने की मांग भी प्रमुखता से मैंने उठाई थी। कुछ समस्याएं हैं, जिनका समाधान नहीं हो रहा और लोग परेशान हैं।
- बख्शी सैनी, वार्ड-8, निवर्तमान पार्षद।