चरखी दादरी। जिला प्रशासन के डीआईटीएस फीस में पांच गुना बढ़ोतरी करने के विरोध में रविवार को जिले के विभिन्न संगठनों ने बैठक की। बैठक में हिस्सा लेकर चार पूर्व विधायकों ने फीस बढ़ोतरी के फैसले को गलत बताते हुए अपना समर्थन दिया। बैठक में विचार-विमर्श के बाद 23 अगस्त से डीसी कार्यालय के सामने धरना शुरू करने का निर्णय लिया गया। धरने की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी।
जगबीर घसोला ने बताया कि रविवार को बैठक स्वतंत्रता सेनानी बाघ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पूर्व विधायकों के अलावा जिला बार एसोसिएशन प्रधान, सब्जी मंडी, अनाज मंडी व नगर व्यापार मंडल प्रधान समेत पूर्व पार्षद भी मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से 23 अगस्त को धरना शुरू करने और चार सूत्रीय मांगों को लेकर उपायुक्त से मिलने का निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल की ओर से जिला उपायुक्त की डीआईटीएस कमेटी रद्द करने, सचिवालय में चल रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने, पटवारियों द्वारा फर्द-बदर बनवाने पर ली जाने वाली रिश्वत को बंद करने और प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटियों को सुधारने के लिए निर्धारित पांच हजार की फीस बंद करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
पूर्व विधायक रघबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि सरकार को हम रजिस्ट्री बैनामा आदि पर 5 से 7% राजस्व जमा कराते हैं तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उस राजस्व को एकत्र करने के लिए सरकारी कर्मचारी नियुक्त करे। कर्मचारी की तनख्वाह का भार आमजन पर डालना कतई सही नहीं है। पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान ने कहा कि सरकार और अधिकारी नित नए नए नियम लागू करके प्रदेश और क्षेत्र की गरीब जनता को दोनों हाथों से लूटने का काम कर रहे हैं इस लूट को बंद करवाने के लिए भाकियू आगे जो भी आंदोलन करेगी, उसमें हरसंभव सहयोग करेंगे। पूर्व संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि जिला उपायुक्त की डीआईटीएस कमेटी रद्द होनी चाहिए।
ये भी रहे मौजूद
बैठक में पूर्व विधायक नृपेंद्र मांढी, जिला बार एसोसिएशन की तरफ से प्रधान सुरेंद्र मैहड़ा, देवेंद्र चाहार, सुनील सांगवान, राजा गोदारा, फैम प्रधान जयभगवान मस्ताना, पूर्व बीडीसी चेयरमैन प्रीतम, आचार्य देवी सिंह, यादवेंद्र डुडी, अशोक आदि मौजूद रहे।