चरखी दादरी। जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में काम बेहद धीमा चल रहा है। अब तक एक लाख 76 हजार मीटर लंबी नई पाइपलाइन में से 20 हजार मीटर ही पाइपलाइन बिछ पाई है जो कुल कार्य का 11.36 प्रतिशत ही है। इस गति से तो अगले दस साल इस योजना को परवान चढ़ाने में लग जाएंगे। प्रोजेक्ट के धीमे कार्य के कारण लोगों को इस गर्मी सीजन में भी पेयजल संकट झेलने को तैयार रहना होगा।
दरअसल, पिछले डेढ़ साल से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है। करीब 11 माह बाद तो पाइप पहुंचे हैं। इस योजना के तहत तकरीबन सभी काम धीमे चले रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत 35 बूस्टिंग स्टेशनों के लिए भी पाइप लाइन बिछाई जानी है। जिला में पेयजल आपूर्ति में सुधार करने और हर घर तक नल से पानी पहुंचाने पर विभाग काम कर रहा है। बाढड़ा क्षेत्र में 40 एकड़ में मेन जलघर का निर्माण भी होना है। 2024 तक इस योजना पर काम पूरा होना है।
जिला में पेयजल आपूर्ति में चार दशक से सुधार नहीं हो पाया है इस वजह से पेयजल का संकट बना रहता है। कई गांवों में बने जलघरों में नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है तो कहीं पाइप लाइनों की कमी की वजह से पानी की आपूर्ति संभव नहीं है। पेयजल कनेक्शनों की संख्या भी सीमित है। जिला में इस समय 58 जलघर हैं जो चार दशक पहले के बने हुए हैं। इन चार दशकों में जिला की आबादी भी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के लिहाज से पानी की खपत भी बढ़ी है लेकिन आपूर्ति में सुधारीकरण नहीं हो सका है।
- अवैध कनेक्शन किए जा रहे नियमित
अब विभाग इस काम को सिरे चढ़ाए जाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक गांव में पेयजल कनेक्शनों को नियमित भी किया जाना है। अवैध पेयजल कनेक्शनों की संख्या ज्यादा होने के कारण सरकारी राजस्व में भी घाटा हो रहा है और पानी का समान वितरण भी नहीं हो पा रहा है।
- नई पाइपलाइन के जरिये सभी घरों तक पहुंचेगा पानी
विभाग ने प्रत्येक गांव में जरूरत के अनुसार नई पाइप लाइन भी बिछानी हैं ताकि प्रत्येक घर तक पानी पहुंच सके। कई गांवों में पुरानी एवं जर्जर लाइन होने की वजह से पानी नहीं पहुंच पा रहा है। प्रत्येक गांव में करीब तीन से चार किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाए जाने की योजना है।
- जरूरत अनुसार बनाए जाएंगे जलघर
इस योजना के तहत जिन गांवों में जलघर की जरूरत है वहां नए बनाए जाने हैं। इन जलघरों में नहरी पानी डाला जाएगा। गांव की आबादी एवं पानी की खपत को देखते हुए जलघर बनाए जाने हैं ताकि पानी की आने वाले चार दशक तक किल्लत न होने पाए। कई गांवों के लिए सामूहिक रूप से बूस्टिंग भी बनाए जाने की योजना है। यह बूस्टिंग एवं जलघर जलघरों के आसपास बनाए जाएंगें ताकि नियमित रूप से इनमें पानी डाला जा सके।
अब तक 20 हजार मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई गई है। जल्द ही इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। पाइप देरी से मिलने की वजह से काम में देरी हुई है। अब काम तेजी से पूरा होगा।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग