दी दादरी प्राथमिक सहकारी कृषि समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गत अगस्त में उपभोक्ताओं के केसीसी और बचत खातों पर स्वयं लोन लेकर गबन करने का आरोप लगा था। डीसी कार्यालय में भी इस बारे में शिकायत दी गई थी जिसके बाद इस शिकायत को मुख्यालय भेजा गया था। अब इस मामले की जांच शुरू हो गई है। सोमवार को पांच सदस्यीय कमेटी जांच के लिए दादरी पहुंची और शिकायतकर्ता शिवेंद्र फौगाट को भी जांच में शामिल किया।
बता दें कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य शिवेंद्र फौगाट ने गत एक अगस्त को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता की थी। इसमें उन्होंने दी दादरी प्राथमिक सहकारी समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों पर उनके आवेदन किए बिना ही केसीसी खाते पर तीन बार लोन लेकर भुगतान करने का आरोप लगाया था। शिवेंद्र फौगाट ने उस दौरान बताया था कि ऐसा केवल उनके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि 12 मामले उनके संज्ञान में हैं। प्रेसवार्ता के दो दिन बाद ही शिवेंद्र फौगाट ने जांच की मांग को लेकर डीसी को शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि सोमवार को जांच के लिए पहुंची पांच सदस्यीय कमेटी ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया। करीब एक घंटे तक समिति ने जांच की और उस दौरान वो वहीं मौजूद रहे।
जांच कमेटी के सवालों के शिकायतकर्ता ने ये दिए जवाब
जांच कमेटी का सवाल: कब-कब आपके केसीसी खाते पर लोन लिया गया ?
शिवेंद्र का जवाब: वर्ष 2009, 2022 और 2023 में बिना आवेदन के लोन लेने के साथ क्लीयर भी किया।
जांच कमेटी का सवाल: दोषीगण का आप नाम बताओ?
शिवेंद्र का जवाब: दोषीगण का नाम पता करने के लिए ही मैंने शिकायत दी है और ये पता करना जांच कमेटी का काम है।
जांच कमेटी का सवाल: आपको कैसे पता चला कि आपके केसीसी खाता पर लोन चल रहा है?
शिवेंद्र का जवाब: नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव लड़ने के लिए नो ड्यूज लेने गया तो पता चला कि खाते पर लोन चल रहा है।
अब 19 को होगी सुनवाई
शिकायतकर्ता शिवेंद्र फौगाट ने बताया कि एक घंटे तक टीम ने जांच की और इसके बाद 19 अक्तूबर को दोबारा जांच के लिए आने की बात कही है। उन्होंने बताया कि 19 को वो दोबारा जांच में शामिल होंगे। गड़बड़ी में शामिल कर्मचारी या अधिकारी का पता लगना चाहिए।