जिला प्रशासन की ओर से गांव डालावास में शुक्रवार को रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) अर्श वर्मा गांव पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उपायुक्त ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया।
नागपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से जनसेवा को समर्पित है। सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों की समस्याएं उनके द्वार पर ही सुनी जाएं और उनके समाधान के लिए किसी प्रकार की देरी न हो। इसी कड़ी में रात्रि ठहराव कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनके माध्यम से अधिकारी सीधे गांव में पहुंचकर लोगों की दिक्कतें जान रहे हैं और मौके पर ही उनका निवारण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने का एक प्रभावी कदम है।
गांव के विकास में योगदान का आह्वान
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन हर समय नागरिकों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए तत्पर है। जिला प्रशासन की ओर से मुख्यालय व उप मंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें प्राप्त शिकायतों के निवारण की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। किसी भी नागरिक की किसी भी विभाग से संबंधित यदि कोई समस्या है तो वह बिना किसी हिचक के प्रशासन के समक्ष रखें उनका समयबद्ध ढंग से समाधान किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से गांव के विकास में योगदान का आह्वान किया।
साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया
पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। साथ ही नशा न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस तभी प्रभावी रूप से कार्य कर सकती है, जब नागरिक जागरूक होकर सहयोग करें। ग्रामीणों के बीच कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की और लोगों को भरोसा दिलाया कि जिला पुलिस हर समय उनकी सेवा में तत्पर है। उन्होंने विशेष रूप से तीन आपातकालीन नंबरों के महत्व पर जोर दिया। 112 नंबर पूरे देश में लागू है और किसी भी आपात स्थिति, चाहे वह पुलिस से संबंधित हो, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हो या अन्य आपात स्थिति के लिए तत्काल मदद प्राप्त करने का सबसे भरोसेमंद माध्यम है। इस सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए 112 इंडिया एप भी उपलब्ध है, जिससे नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सकती है।
स्टॉल पर योजनाओं की मिली जानकारी
इस दौरान स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, शिक्षा, पशुपालन व बिजली विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को विभिन्न योजनााओं की जानकारी दी गई। डीसी ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए आमजन को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने डीसी को गांव की विभिन्न समस्याओं व मांगों से अवगत कराते हुए मांगपत्र सौंपा। डीसी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा और इन मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान जिला परिषद चेयरमैन मंदीप डालावास, सीईओ डॉ विरेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील इंजीनियर एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।