कोविड अस्पताल का निरीक्षण करते उपायुक्त राजेश ।
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कोविड अस्पताल में रोगियों को पर्याप्त सुविधाएं मिलनी चाहिए। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियों को पूरा रखें। जब तक किसी मरीज की कोविड रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक रोगी को एकांतवास में ही रखा जाए। यह निर्देश उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कोरोना संक्रमितों के लिए लिए बनाए 60 बिस्तरों वाले एमएलआर कोविड अस्पताल और सामान्य अस्पताल का निरीक्षण करते हुए दिए।
उन्होंने कहा कि एमएलआर में अभी 25 मरीज दाखिल हैं, जिनका संतोषजनक उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमितों के लिए सभी चिकित्सा सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है और वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि दादरी में होम आइसोलेशन में रहते हुए अधिकांश मरीज ठीक हो रहे हैं। पॉजिटिव होने के बाद लोग अपनी आत्मिक शक्ति के बल पर स्वास्थ्य लाभ की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कोविड अस्पताल प्रभारी डॉ. संदीप सिंह व कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. गौरव भारद्वाज ने बताया कि रोगियों को भोजन नियमित रूप से मिल रहा है। फिलहाल यहां एक बड़े जनरेटर की आवश्यकता है। उपायुक्त ने कहा कि इस बारे में बिजली वितरण निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। एमएलआर अस्पताल के बाद उपायुक्त ने दादरी सामान्य अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां डॉ. अनिता को निर्देश दिए कि जुकाम, बुखार का रोगी कोविड टेस्ट में पॉजिटिव भी आ सकता है। इसलिए ऐसे रोगी को रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन में ही रखा जाए।
उन्होंने अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि यहां एक कर्मचारी को विशेष रूप से ऑक्सीजन का लेवल चेक करने और उसको रजिस्टर में दर्ज करने के लिए नियुक्त किया जाए। नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन व कोविड वार्ड में अभी एक भी मरीज नहीं है। उन्होंने कोविड के नोडल अधिकारी डॅा. गौरव भारद्वाज को निर्देश दिए कि जिला में वैक्सीनेशन के कार्य में तेजी लाई जाए और लोगों को अधिक से अधिक वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें।