चरखी दादरी। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) की ओर से रविवार को स्थानीय लोहारू रोड स्थित एक प्रतिष्ठान में सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हिसार से आए चिकित्सक डॉ. अशोक की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दादरी और आसपास के क्षेत्र के चिकित्सकों ने भाग लिया।
नीमा के जिला प्रधान डॉ. विजय शर्मा और उप प्रधान डॉ. संजय फोगाट ने बताया कि सीएमई का मुख्य विषय ब्रेन ट्यूमर का प्रबंधन और न्यूरो सर्जरी में नवीन प्रगतियां रहा। डॉ. अशोक ने सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से ब्रेन ट्यूमर के प्रकार, लक्षण, समय पर पहचान व आधुनिक जांच विधियां बताईं।
नीमा दादरी के सचिव डॉ. कृष्ण वर्मा ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के इलाज में मल्टीडिसिप्लिनरी एप्रोच जरूरी है। इसमें न्यूरोसर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी एवं सहायक चिकित्सा का समन्वय किया जाता है। न्यूरोसर्जरी में माइक्रो-न्यूरोसर्जरी, मिनिमली इनवेसिव तकनीक, एंडोस्कोपिक सर्जरी एवं आधुनिक एनेस्थीसिया सपोर्ट आदि नवीन प्रगति भी बताई गई।
सीएमई के दौरान बताया गया कि आधुनिक तकनीकों के कारण रोगी के स्वास्थ्य में सुधार आता है, जटिलताएं कम होती हैं और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है। प्रश्नोत्तर सत्र में चिकित्सकों ने विषय से संबंधित अनेक व्यावहारिक प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. अशोक ने समाधान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान से अपडेट करना और रोगियों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना रहा। इस अवसर पर नीमा दादरी के सह सचिव डॉ. सुरेंद्र डाला, कोषाध्यक्ष डॉ. विजय वशिष्ठ, डॉ. संजीव मड़िया, डॉ. राजकुमार वर्मा, डॉ. अजय जांगड़ा, डॉ. विनय संगवान, डॉ. विकास कलकल, डॉ. धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।