फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजी अस्पताल संचालकों ने पांच घंटे बंद रखी ओपीडी, पीएम के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन

विज्ञापन
प्रधानमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपते आईएमए से जुड़े चिकित्सक। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के निजी अस्पताल संचालकों ने पांच घंटे के लिए ओपीडी बंद रखी। आईएमए से जुड़े चिकित्सक लामबंद होकर लघु सचिवालय पहुंचे और वहां प्रधानमंत्री के नाम डीसी अमरजीत सिंह मान को ज्ञापन सौंपा। ओपीडी बंद रहने से निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ा और उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचकर अपना उपचार करवाना पड़ा। शुक्रवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी दस प्रतिशत अधिक बढ़ी।
विज्ञापन

आईएमए के निर्देशों की पालना करते हुए जिला एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर और सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी बंद रखकर मांग दिवस मनाया। आईएमए जिला प्रधान डॉक्टर दीपक गुप्ता ने भी डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को जायज बताया। आईएमए पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी भी की । उन्होंने कहा कि चिकित्सकों पर हमले के सभी मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द निपटान किया जाए। डीसी को ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. बेनीवाल, डॉ. किरण कादयान, डॉ. योगेंद्र देशवाल, डॉ. अरविंद गर्ग, डॉ. अशोक गोयल, डॉ. महेश तायल, डॉ. इंद्रदीप, डॉ. सुशीला व डॉ. गौरव आदि मौजूद रहे।
500 मरीजों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
आईएमए जिला प्रधान डॉक्टर दीपक गुप्ता ने बताया कि जिले में आईएमए से जुड़े 19 चिकित्सक हैं, जो 15 अस्पतालों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन सभी में शुक्रवार सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी बंद रही। इन अस्पतालों की दैनिक ओपीडी 600 से अधिक है और शुक्रवार को सांकेतिक हड़ताल के चलते करीब 500 मरीजों को यहां उपचार नहीं मिल पाया। हालांकि दोपहर दो बजे के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी देखनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें