चरखी दादरी। डीआईटीएस के रिकॉर्ड की जांच में वित्तीय गड़बड़ी समेत अन्य अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। सरल केंद्र की सीट पर बैठकर 14 लाख का गबन करने वाले दोनों कर्मचारियों से रिकवरी कर उनके खिलाफ सिटी थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।
गौरतलब है कि तत्कालीन डीसी राजेश जोगपाल ने डीआईटीएस के करीब तीन माह के रिकॉर्ड की जांच करवाई थी। उस दौरान कई खामियां प्रशासन के सामने उजागर हुई थीं। इन्हें देखते हुए तत्कालीन डीसी ने डीआईटीएस के गठन से लेकर 2021 तक के रिकॉर्ड की जांच करवाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए पीजीआई से रिटायर्ड डायरेक्टर डॉक्टर आर यादव को जांच अधिकारी भी नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने 2018 से लेकर 2021 तक का रिकॉर्ड खंगाला तो 17 खामियां उनके सामने उजागर र्हुइं। जांच अधिकारी डॉक्टर यादव ने अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप दी थी, जिसमें करीब 14 लाख के गबन की बात सामने आई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने पहले गबन में शामिल पाए ऑपरेटर शशि और अकाउंटेंट अंकित से पहले 14 लाख की रिकवरी करवाई, ताकि सरकारी राजस्व को नुकसान न पहुंचे और अब उनके खिलाफ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
रसीद बुक इस्तेमाल की लेकिन नहीं तैयार किया स्टॉक रजिस्टर
रिटायर्ड निदेशक की जांच में सामने आया कि रसीद बुक संख्या 401 से 1600 तक इस्तेमाल तो की गई, लेकिन रसीद बुक का स्टॉक रजिस्टर नहीं मिला। इसके अलावा एक अप्रैल 2019 से पहले की कैशबुक दुरुस्त नहीं मिली। रसीद बुक पर अथॉरिटी के हस्ताक्षर भी नहीं मिले। इतना नहीं बुक में एंट्री करने के बाद इन्हें कैंसिल भी किया गया है।
बैंक में जमा नहीं करवाई पूरी राशि, बैक डेट में काटी रसीद
रिटायर्ड निदेशक की जांच में सामने आया कि डीआईटीएस कर्मचारियों ने काउंटर पर आने वाला पूरा कैश बैंक में जमा नहीं करवाया। इसके अलावा रसीद संख्या 1617 नवंबर 2020 में दो लाख 82 हजार रुपये की थी, जिसे 29 दिसंबर को जनरेट किया गया है। हालांकि दो लाख 82 हजार की राशि पहले ही बैंक में जमा करवा दी गई थी।
कैश लिया पर नहीं की रसीद बुक में एंट्री
जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई जांच में यह बात भी सामने आई कि कर्मचारियों ने सीट पर बैठकर कैश तो ले लिया, लेकिन इसे न तो खजाने में जमा करवाया और न ही रसीद बुक में कैश की कोई एंट्री की गई। रसीद बुक की पर्चियों पर कटिंग भी मिली हैं।
रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के आधार पर प्रशासन कर रहा तबादले
भ्रष्टाचार को रोकने के लिए दादरी जिला प्रशासन रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया अपनाए हुए हैं। कंप्यूटर का बटन दबाकर जिले के कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे हैं। हाल ही में उपायुक्त अमरजीत मान ने सभी ग्राम सचिवों के इसी प्रक्रिया के आधार पर तबादले किए हैं।
जो कर्मचारी गलत करेगा, वह भरेगा भी: मान
डीसी अमरजीत सिंह मान ने कहा कि जो कर्मचारी गलत करेगा, वह भरेगा भी। भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। गबन की राशि की हमने पहले कर्मचारियों से रिकवरी की और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के आधार पर जिला प्रशासन तबादले कर रहा है।
दो के खिलाफ केस दर्ज : एसपी
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि इस संबंध में शिकायत मिलने पर हमने अकाउंटेंट अंकित और ऑपरेटर शशी के खिलाफ धारा 409 और 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अभी पुलिस अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगी और अगर किसी अन्य कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।