संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। वन विभाग से अनुमति लिए बिना ही लोगों ने वन क्षेत्र में अवैध रूप से भवन और रास्ते बनाए हुए हैं। ऐसे रास्तों और अवैध निर्माण को विभागीय टीमें चिह्नित कर रही हैं। जल्द ही उन्हें नोटिस देने की कवायद शुरू की जाएगी और एनओसी लेने के निर्देश दिए जाएंगे। वन विभाग अधिकारियों की मानें तो प्राथमिक जानकारी जुटाने पर सामने आया कि दस हजार से अधिक लोगों ने एनओसी बिना ही वन क्षेत्र में प्रतिष्ठान तक पहुंचने के रास्ते बनाए हुए हैं।
जिले के मुख्यमार्गों के किनारे पीडब्ल्यूडी ने वन क्षेत्र के लिए जगह छोड़ी हुई है। इस जमीन पर पौधरोपण किया जाता है और लोगों ने वहीं से रास्ते बना रखे हैं। ये रास्ते निजी स्कूल, सर्विस स्टेशन, होटल संचालकों समेत भवन मालिकों ने बनाए हुए हैं। वन क्षेत्र में बिना एनओसी रास्ते बनाकर वे वन विभाग के नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। नियमानुसार संरक्षित वन क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए एफसीए 1980 की अनुमति लेना जरूरी होता है, लेकिन जिले में बहुत ही कम लोगों ने इस नियम का पालन कर रहे हैं।
वन क्षेत्र में लगाने होते हैं पौधे
पर्यावरण संरक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी जब भी किसी सड़क का निर्माण करवाता है, तो दोनों तरफ वन क्षेत्र के नाम पर जमीन छोड़ी जाती है, ताकि वन विभाग इन क्षेत्र में पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण कर सके। भूमालिकों ने वन विभाग के क्षेत्र से बिना अनुमति के रास्ते बना कर अनुछेद वन संरक्षण संधि 1980 की अवहेलना कर रहे हैं। मुख्यमार्गों पर बनाए गए भवनों के सामने वन विभाग के लिए 2 से 8 मीटर जमीन वन क्षेत्र के नाम पर छोड़ी जाती है।
एनओसी बिन वन क्षेत्र में बनाए गए रास्ते और अन्य कार्य के लिए इस्तेमाल की गई भूमि चिह्नित कर जा रही है। जल्द ही विभाग उन्हें नोटिस जारी करेगा और इसमें भू-मालिकों को एनओसी लेने के निर्देश दिए जाएंगे। - हेमंत कुमार, रेंज अधिकारी, चरखी दादरी वन विभाग