चरखी दादरी। मुख्य मार्गों पर बढ़ते अवैध कट और जगह-जगह टूटी सुरक्षा ग्रिलें इन दिनों सड़क हादसों का बड़ा कारण बनती जा रही हैं। महेंद्रगढ़ रोड, दिल्ली रोड और लोहारू रोड पर फैली यह अव्यवस्था यातायात सुरक्षा को खुला खतरा देती नजर आ रही है। धुंध का मौसम शुरू होते ही स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है, लेकिन संबंधित विभागों की उदासीनता हालात को और बदतर बना रही है। लंबे समय से क्षतिग्रस्त ग्रिलों की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही। मुख्य मार्गों पर 150 से अधिक जगहों पर ग्रिल टूटी हुई हैं।
दादरी जिले में तीनों मुख्य मार्गों पर 150 से अधिक स्थान ऐसे हैं, जहां सुरक्षा ग्रिल पूरी तरह टूट चुकी है या क्षतिग्रस्त अवस्था में है। कई जगहों पर ग्रिल गायब है, जिससे रास्ता बनाकर चालक अवैध रूप से सड़क पार करते हैं। इन कटों पर वाहन चालक की मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद अब तक इनकी मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गांवों में भी स्थिति दयनीय
यह समस्या केवल शहर के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के गांव बिलावल, मांढी, समसपुर, इमलोटा, मोरवाला, बिरही कलां सहित कई अन्य गांवों में भी हाईवे किनारे सुरक्षा ग्रिल उखड़ी हुई देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवागमन आसान बनाने के लिए कुछ लोग खुद ही ग्रिल काटकर रास्ता बना लेते हैं और समय के साथ वह स्थान स्थायी कट का रूप ले लेता है। दिन के समय तो समस्या संभाली जा सकती है, लेकिन रात व घनी धुंध के दौरान इन अवैध कटों पर हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सुरक्षा उपायों पर सवाल
हाईवे पर लगी सुरक्षा ग्रिल सड़क सुरक्षा का प्राथमिक कवच मानी जाती है, लेकिन दादरी क्षेत्र में यह कवच लंबे समय से टूटा हुआ पड़ा है। विडंबना यह है कि सड़क सुरक्षा सप्ताह और जागरूकता अभियानों के बीच प्रशासन स्वयं दावा करता है कि सड़क सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त ग्रिलों की तुरंत मरम्मत कर अवैध कटों को बंद किया जाए, ताकि संभावित सड़क हादसों को रोका जा सके। लोगों की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।
वर्जन :
कुछ दिन पहले ही विभिन्न जगहाें पर ग्रिल को बदलवाया गया था और टूटी हुई ग्रिल को दुरूस्त करवाया गया था। गांव में लोग अपने घर के सामने से ग्रिल हटा देते हैं, जिसके कारण ये समस्या फिर से बन जाती है। जल्द फिर से ग्रिल का निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद इन्हें दुरूस्त करवाया जाएगा। - अंकित अभिषेक, साइट इंजीनियर, एनएचएआई।