हिसार में वीरवार तड़के तीन बजे पराली से लदी खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में कार सवार छह युवकों में से चार की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक चारों युवक चरखी दादरी जिले के गांव साहूवास, घसोला व अटेला खुर्द के रहने वाले थे। दुर्घटना का पता चलते ही तीनों गांवों में मातम पसर गया। इस हादसे में जिले के चार परिवारों ने अपने लाल खो दिए, जबकि पांचवां घायल युवक जिंदगी और मौत से अभी जंग लड़ रहा है। पांचवां घायल युवक भी साहूवास गांव का ही रहने वाला है। चारों मृतक युवकों के परिजन खेती-बाड़ी का काम ही करते हैं।
जानकारी के अनुसार साहूवास निवासी प्रविंद्र (21), नसीब (21), आशीष (23) सहित घसोला निवासी अंकित(23) व अटेला खुर्द निवासी अंकित (21) बुधवार को हिसार में थे। प्रविंद्र व नसीब वहां आर्मी की कोचिंग करते थे। वहीं अटेला खुर्द निवासी अंकित वहां एलएलबी का छात्र था। घसोला निवासी अंकित बुधवार को किसी काम से हिसार गया था और वह अपने दोस्तों के पास रुका हुआ था। प्रविंद्र, नसीब, आशीष व अंकित रामपुरा मोहल्ला में किराये के कमरे में रहते थे। बुधवार रात वे हांसी रोड स्थित एक होटल पर खाना खाकर कमरे पर लौट रहे थे। जब वे पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास पहुंचे तो सड़क पर बिना रिफ्लेक्टर के खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी कार टकरा गई। हादसे के समय हिसार के भोजराज गांव निवासी साहिल भी उनके साथ था। हादसे में साहूवास निवासी प्रविंद्र व नसीब सहित घसोला निवासी अंकित और अटेला खुर्द निवासी अंकित की मौत हो गई। वहीं, कार सवार साहूवास निवासी आशीष और भोजराज निवासी साहिल गंभीर रूप से घायल हो गए। साहूवास गांव निवासी दो युवकों और अटेला खुर्द व घसोला निवासी एक युवक की मौत होने से तीनों गांवों में मातम पसर गया। दुर्घटना का पता चलते ही वीरवार सुबह मृतकों के परिजन और ग्रामीण हिसार के लिए रवाना हो गए। वीरवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद चारों मृतक युवकों के शव गांव में लाए गए और गमगीन माहौल के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
दो भाइयों में बड़ा था प्रविंद्र
साहूवास निवासी सोमबीर के दो बेटे और एक बेटी थे। सोमबीर खेती-बाड़ी करता है और प्रविंद्र उसका बड़ा बेटा था। प्रविंद्र हिसार में आर्मी की कोचिंग ले रहा था। हादसे में प्रविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। 21 वर्षीय प्रविंद्र पिछले करीब एक साल से हिसार रह रहा था। मृतक प्रविंद्र की एक बहन भी है। हादसे के बाद परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है।
मां-बाप का इकलौता बेटा था नसीब
साहूवास निवासी नसीब ने भी हादसे में मौके पर ही दम तोड़ दिया। नसीब सुरेंद्र का इकलौता बेटा था। नसीब की एक छोटी बहन है। साहूवास सरपंच संदीप कुमार ने बताया कि नसीब बुधवार को ही हिसार गया था। उन्होंने बताया कि नसीब के साथ आशीष भी हिसार गया था और इस हादसे में आशीष को गंभीर चोटें लगी हैं और वह कोमा में है।
तीन साल से हिसार में रह रहा था अंकित
हादसे में अटेला खुर्द निवासी अंकित की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार अंकित ही चला रहा था। अंकित प्रदीप का बड़ा बेटा था और उसका छोटा भाई गांव में ही रहता है। अंकित एलएलबी का छात्र था। अटेला खुर्द सरपंच कृष्ण कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन साल से हिसार में ही रहता था। वह एलएलबी तृतीय वर्ष का छात्र था।
बुधवार को ही हिसार गया था घसोला निवासी अंकित
हादसे के समय घसोला गांव निवासी अंकित भी प्रविंद्र, नसीब, अंकित, साहिल व आशीष के साथ था। घसोला सरपंच सुरेश कुमार ने बताया कि अंकित छह भाई- बहनों में सबसे छोटा था। दो भाई और तीन बहनें अंकित से बड़े हैं। वह सैलून शॉप पर काम करता था। अंकित के पिता नगीन खेती-बाड़ी करते हैं। हादसे में अंकित की भी मौत हो गई।