रणजी ट्रॉफी में क्षेत्ररक्षण के दौरान मैदान में मौजूद हिमांशु सांगवान।
चरखी दादरी/झोझूकलां। अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों के पिच पर छक्के छुड़ाने वाले विराट कोहली को शुक्रवार को आउट स्विंगर के जरिये बोल्ड करने वाले गेंदबाज हिमांशु सांगवान सुर्खियों में हैं। राइट हैंड मीडियम पेसर गेंदबाज हिमांशु मूलरूप से चरखी दादरी जिले के गांव झाेझूकलां के रहने वाले हैं। फिलहाल, रेलवे में टीसी के पद पर कार्यरत हैं। नई दिल्ली में आयोजित रणजी ट्रॉफी में वह रेलवे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
हिमांशु सांगवान झोझूकलां निवासी सुरेंद्र सांगवान के इकलौते बेटे हैं। सुरेंद्र सांगवान राजस्थान के भूमि विकास बैंक से ब्रांच मैनेजर से सेवानिवृत्त हैं। उनकी पत्नी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। हिमांशु सांगवान की दो बड़ी बहनें हैं। दोनों शादीशुदा हैं। हिमांशु पिछले 13 साल से क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्हें चार साल रणजी खेलने का भी अनुभव है।
चाचा महेंद्र सांगवान ने बताया कि पिता की पोस्टिंग के समय जयपुर में हिमांशु भारतीय टीम के तत्कालीन कोच ग्रेग चैपल के संपर्क में आया था। उनसे प्रेरणा पाकर उसने गेंदबाजी शुरू की। इसके बाद आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लैन मैक्ग्राथ ने भी उसे गेंदबाजी के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि उस मुलाकात के बाद हिमांशु ग्लैन मैक्ग्राथ से तीन बार मिलकर गेंदबाजी के टिप्स ले चुका है।
चाचा ने बताया कि हिमांशु की शिक्षा दिल्ली में हुई है। रेलवे से पहले वह अंडर-19 में दिल्ली की टीम का हिस्सा रह चुका है। मुंबई के खिलाफ आयोजित मैच में छह विकेट लेकर उसने टीम को जीत भी दिलाई थी।
भारतीय टीम का हिस्सा बनना है सपना
परिजनों के अनुसार, हिमांशु सांगवान का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम का गेंदबाज के तौर पर प्रतिनिधित्व करना है। परिजनाें को उम्मीद है कि हिमांशु जल्द ही अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा। इसके लिए वह तैयारियों में जुटा है।
परिजनों में खुशी का माहौल
हिमांशु सांगवान के पिता सुरेंद्र सांगवान और मां भगवानरती फिलहाल जयपुर में हैं। चाचा महेंद्र सांगवान ने बताया कि विराट कोहली जैसे धुरंधर बल्लेबाज को क्लीन बोल्ड करना हिमांशु के लिए बड़ी उपलब्धि है। सभी परिजन इससे खुश हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि हिमांशु आगे जाकर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित करेगा।