चरखी दादरी। जिले की नहरों में 15 दिनों तक पानी चला है। इस दौरान जलघरों में केवल 14 दिन के पानी का ही भंडारण हुआ है। ऐसे में लोगों को सावधानीपूर्वक पानी का इस्तेमाल करने की जरूरत है। जैसे जैसे गर्मी बढ़ेगी वैसे वैसे पानी की खपत भी डेढ़ गुना तक बढ़ने की संभावना है। विभाग की गाइडलाइन के अनुसार गर्मी सीजन में लोग वाहनों की धुलाई से परहेज करें। इसके अलावा आवासीय क्षेत्रों में मिनी बगीची आदि में वेस्टेज पानी का इस्तेमाल कर काम चलाया जा सकता है।
जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना, कितलाना, गोकुल व मैहड़ा डिस्टीब्यूटरी से जलघरों में पानी डाला जाता है। 15 दिन के बाद 21 मार्च को नहरों में पानी बंद हो गया है। शहर व गांवों के जलघरों में सिर्फ 14 दिन का पानी स्टोर हुआ है। अब 24 दिन बाद नहरों में पानी आएगा। ऐसे में पानी की एक-एक बूंद को बचाने की आवश्यकता है।
28 डिस्टीब्यूट्री, माइनर व सब माइनरों की टेल तक पहुंचा पानी
जिले में 28 डिस्टीब्यूट्री, माइनर व सब माइनरों की टेल तक पानी पहुंचा है। इनके अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों में पानी पहुंचा है। बधवाना डिस्टीब्यूटरी की टेल बुर्जी नंबर-102500 तक पानी पहुंचा है। यह बुर्जी गांव बधवाना के समीप पड़ती है। इसके अलावा गोठड़ा माइनर, मकड़ाना माइनर, दूधवा माइनर, डाढ़ी छिल्लर माइनर, वन-आर कलियाण माइनर सहित 28 टेल फीड हो गई हैं।
कटाई के सीजन में किसानों को नहीं जरूरत
फसल कटाई का समय होने के कारण इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं थी। यही वजह रही कि पानी जलघरों तक पहुंचा है। सिंचाई विभाग के जेई कपिल कुमार का कहना है कि जलघरों को फिलहाल भर दिया गया है। लोग पानी संरक्षण पर विशेष ध्यान दें।
गर्मी में लोग पानी की बचत पर ज्यादा ध्यान दें। वेेस्टेज पानी का भी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें। वाहनों की धुलाई कर पानी की बर्बादी न करें। सार्वजनिक स्थानों पर लगी पानी की टोंटी खुली मिलने पर बंद करें। - एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।