चरखी दादरी। डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद परिवहन विभाग में पहुंचे हैप्पी कार्ड का वितरण अब एजेंसी की अड़चनों में उलझ गया है। गाइडलाइन जारी न होने से पात्र लाभार्थियों को बार-बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक रोजाना विभागीय कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अधिकारी एजेंसी की ओर से स्पष्ट नियमावली न मिलने का हवाला देकर उन्हें वापस भेज रहे हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। लाभार्थियों ने जिला प्रशासन से जल्द वितरण शुरू करवाने की मांग की है ताकि वे रोडवेज बसों की निशुल्क यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकें।
64 हजार को मिल चुका लाभ
सरकार ने अंत्योदय योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 1000 किलोमीटर तक रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने के लिए हैप्पी कार्ड योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत जिले से 87,500 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इनमें से 64,463 पात्रों को पहले ही लाभ दिया जा चुका है जबकि बड़ी संख्या में आवेदक अभी भी कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
29 को पहुंचे थे 22 हजार कार्ड
परिवहन विभाग लगातार मुख्यालय से संपर्क में बना हुआ था। इसके बाद मुख्यालय के निर्देश पर संबंधित एजेंसी ने 29 मार्च को 22,695 हैप्पी कार्डों की खेप जिला परिवहन कार्यालय में भेज दी। कार्ड पहुंचने के करीब 10 दिन बाद भी वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है क्योंकि विभाग अब भी एजेंसी की गाइडलाइन का इंतजार कर रहा है।
खाली हाथ लौट रहे लाभार्थी
कार्ड लेने पहुंचे गांव मिसरी निवासी राजेश कुमार, संदीप, प्रदीप तथा गांव रावलधी के बलदीप, भूप सिंह, सुंदर सिंह और योगेश कुमार ने बताया कि बिना गाइडलाइन के अधिकारी कार्ड देने से मना कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि जब कार्ड विभाग के पास पहुंच चुके हैं तो वितरण में देरी करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान कर वितरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है, ताकि योजना का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।
वर्सन:
अभी हमारे पास हैप्पी कार्ड बनाने वाली एजेंसी ने वितरण संबंधी नियमावली जारी नहीं की गई है। एजेंसी ही पहुंचाए गए हैप्पी कार्डों के ओटीपी नंबर जारी करेगी। इसके बाद ही कार्ड वितरण का कार्य शुरू हो पाएगा।
- नवीन शर्मा, महाप्रबंधक, रोडवेज विभाग।