चरखी दादरी के गुरुद्वारे में सजाई गई गुरु पालकी पर मत्था टेकते बच्चे।
चरखी दादरी। शहर के दोनों गुरुद्वारों में प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव का 555वां प्रकाश उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुबह नाै बजे श्री सप्ताह पाठ भोग के साथ शुरू किया गया। इसके बाद 10 बजे रामा मंडी से पधारे रागी जत्था ने गुरबानी कीर्तन शुरू कर गुरु नानक देव के दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
दोपहर डेढ़ बजे संस्कार पब्लिक स्कूल में लंगर की शुरुआत की गई। सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर दाल और प्रसाद का स्वाद चखा। रेलवे रोड स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा व सुभाष चौक में आयोजित गतिविधियों का शाम को समापन किया गया।
गुरुद्वारा साहिब में जहां सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, वहीं, सिंह साहिब में तीन दिन तक गुरबानी के बाद लंगर आयोजित किया गया। रागी जत्थे में लवप्रीत सिंह, प्रिया कौर और गुरुप्रीत सिंह ने पाठ और कीर्तन किया। वहीं, गुरुद्वारा साहिब में कार्यक्रम का आयोजन नाै नवंबर को श्री सप्ताह पाठ के साथ शुरू किया गया था। शुक्रवार को समापन लंगर के साथ किया गया।
श्री गुरुनानक देव सत्संग सभा के कार्यवाहक प्रधान राकेश अरोड़ा ने बताया कि रागी जत्था गुरनाम सिंह और साथियों ने गरबानी के माध्यम से बताया कि गुरु नानक देव ने सिख धर्म की स्थापना सीखने के लिए की थी। उन्होंने बताया कि इंसान को कभी अभिमान नहीं होना चाहिए।