ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू होने के बाद बंद पड़ा बाल भवन निर्माण कार्य।
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चरखी दादरी। दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण कुछ दिन पहले लागू की गई ग्रेप-3 की पाबंदियां हटा ली गई हैं। ग्रेप-3 की पाबंदियां हटने के बाद अब शहर में रुके 76.62 करोड़ रुपये के विकास कार्य दोबारा से गति पकड़ेंगे।
वहीं क्रशर व माइनिंग जोन में भी काम शुरू हो सकेगा। इससे वहां काम करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी। ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू होने के बाद दादरी से रोहतक रोड, दादरी से चिड़िया रोड के नवीनीकरण का कार्य रुक गया था। इनके अलावा जिले में निर्माणाधीन बाल भवन व आरओबी के कार्य को भी रोकना पड़ा था। इससे कुछ दिनों के लिए विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया था, लेकिन अब दोबारा काम शुरू होने से इनके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब पाबंदियां हटने के बाद काम दोबारा शुरू होंगे और इनके जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
बता दें कि एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण ग्रेप-3 की पाबंदियां लागू होने से विकास कार्यों को भी रोकना पड़ा था। पाबंदियां लागू होने से पहले 37.62 करोड़ रुपये की लागत से दादरी से बौंद कलां तक सड़क, 27 करोड़ रुपये की लागत से दादरी-चिड़िया रोड के नवीनीकरण का काम शुरू हो चुका था। इसके अलावा करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से जिला बाल भवन का निर्माण चल रहा था, लेकिन बाद में जिले में बढ़े प्रदूषण के स्तर के कारण इन तीनों परियोजनाओं पर ब्रेक लग गया था।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दादरी से चिड़िया रोड की हालत पिछले काफी समय से जर्जर हो चुकी थी। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने 18.2 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण करवाने के लिए 27 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी। इसके अलावा दादरी-बौंद कलां मार्ग के नवीनीकरण के लिए 37.62 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृत किया था।