चरखी दादरी। शहर में वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश हुई जबकि जलभराव की समस्या भी बरकरार रही। इसके चलते लगातार 5वें दिन भी मुख्य बाजार और पुरानी सब्जी मंडी मार्केट की करीब 400 दुकानें नहीं खुल पाईं। इससे खफा व्यापारी नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की अगुवाई में लामबंद होकर रेस्ट हाउस में डीसी प्रीति और विधायक सोमबीर सांगवान से मुलाकात करने पहुंचे। दोनों से मिलने के लिए व्यापारियों को 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। जबकि इसके बाद 6 मिनट के लिए उनसे डीसी और विधायक मिले। इस दौरान डीसी प्रीति ने 12 घंटे के अंदर जल निकासी का आश्वासन दिया।
इससे पहले सुबह दस बजे नगर व्यापार मंडल कोर कमेटी पदाधिकारी आंबेडकर चौक पर एकत्र हुए और उन्होंने बैठक की। बैठक में डीसी से मिलने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद व्यापारियों ने आंबेडकर चौक पर जनस्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, विधायक और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद डीसी से मिलने के लिए वे रेस्ट हाउस पहुंचे। करीब 11 बजे व्यापारी रेस्ट हाउस पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि विधायक सोमबीर सांगवान डीसी प्रीति से मिलने आए हैं, उन्हें कुछ देर इंतजार करना होगा।
इसके बाद व्यापारी 45 मिनट तक रेस्ट हाउस के कमरे में बैठकर डीसी व विधायक के आने का इंतजार करते रहे। 11:40 पर डीसी प्रीति और विधायक व्यापारियों के बीच पहुंचे और वार्ता के लिए उन्हें सभागार में बुलाया। वहां पहले व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और मांग डीसी के समक्ष रखीं, जिन पर उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला। डीसी प्रीति ने भी माना कि जलभराव वास्तव में बड़ी समस्या है और शहर के व्यापारियों का धैर्य काबिले तारीफ है। उनके संयम की प्रशासन ने सरकार के समक्ष भी तारीफ की है। डीसी प्रीति ने कहा कि अगले 12 घंटे के अंदर जलभराव से उन्हें राहत दिला दी जाएगी। इसके बाद डीसी सभागार से उठकर चली गईं जबकि व्यवस्थाओं में हो रही देरी पर कुछ व्यापारी विधायक से जवाब मांगने लगे। विधायक सोमबीर ने 12 घंटे का उनसे समय मांगा और शुक्रवार सुबह तक जलनिकासी करवाने का आश्वासन दिया। सभागार से बाहर आकर व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन ने 12 घंटे का समय मांगा है। वो शुक्रवार सुबह 10 बजे तक इंतजार करेंगे। तब तक पानी की निकासी नहीं हुई तो बाजार बंद रखने के साथ वो रोड जाम करने जैसा कदम उठाने को विवश होंगे।
- देरी से परियोजनाओं पर काम शुरू कराने पर मांगा जवाब
डीसी और विधायक से मिलने पहुंचे व्यापारियों के तेवर तल्ख नजर आए। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने के बाद विभाग और प्रशासन ने पाइपलाइन बिछाने का शुरू करवाया है जबकि यह कार्य दो माह पहले पूरा करवाया जाता तो शहर में बाढ़ जैसे हालात नहीं बनते। उनका यह तर्क सुनकर विधायक सोमबीर सांगवान ने जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर से फोन पर बातचीत की और उन्हें एसई का तबादला करने का आग्रह किया। सोमबीर सांगवान ने कहा कि शहर में बने बाढ़ जैसे हालात के लिए एसई जिम्मेदार है क्योंकि स्ट्रॉम वाटर परियोजना की फाइल पर उन्होंने चार बार ऑब्जेक्शन लगाए जिससे प्रोजेक्ट में देरी हुई।
- पानी निकासी को लेकर ये है प्रशासन की योजना
प्रशासन ने बाजारों से पानी निकासी की जो योजना बनाई है उसके तहत साढ़े 22 इंची पाइपलाइन के जरिये सदर थाना के पिछली तरफ स्थित जोहड़ से पानी का उठान किया जाएगा और इस पानी को फिलहाल सीसीआई परिसर में डाला जाएगा। योजना अनुसार इसके बाद सीसीआई से पानी का उठान कर आगे पहुंचाया जाएगा। वैसे साढ़े 22 इंची लाइन जमीन के नीचे दबनी है, लेकिन शहरवासियों को फिलहाल जलभराव से राहत देने के लिए इसे खुला रखा जाएगा। मानसून सीजन के बाद ये पाइपलाइन दबाई जाएंगी। प्रशासन का तर्क है कि पाइप जोड़ने का काम चल रहा है। वीरवार शाम तक यह पूरा होगा और इसके चार से पांच घंटे में पानी की निकासी हो जाएगी।
पानी निकासी के लिए प्रशासन ने 12 घंटे का समय मांगा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक अगर बाजार से पानी की निकासी नहीं हुई तो नगर व्यापार मंडल कोर कमेटी बैठक कर कोई सख्त निर्णय लेगी। डीसी के समक्ष हमने बाजारों में बने विकट हालात रखे हैं।
रविंद्र गुप्ता, संरक्षक, नगर व्यापार मंडल
साढ़े 22 इंची पाइपलाइन के जरिये बाजारों में बने पानी की निकासी करवाई जाएगी। शहर के व्यापारी काफी धैर्य बरत रहे हैं और इसके लिए उनकी तारीफ करूंगी। प्रशासन का पहला प्रयास पानी की निकासी का है और जल्द ही समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
-प्रीति, जिला उपायुक्त, चरखी दादरी