शहर के चरखी दरवाजा समीप डंपिंग प्वांइट पर दूर तक फैला कचरा।
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चरखी दादरी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार सातवें दिन जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पर अब इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्य बाजारों और सड़कों पर करीब 20 जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
प्रतिदिन करीब 35 टन कचरे का उठान होने के बावजूद सात दिनों से सफाई प्रभावित होने से अनुमानित 200 टन कचरा सड़कों और डंपिंग प्वाइंटों पर जमा हो गया है। वहीं डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली एजेंसी के कर्मचारी भी तीन दिन से काम पर नहीं हैं। दोनों व्यवस्थाओं के ठप होने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं कचरा कई दिनों से नहीं उठने के कारण अब इससे दुर्गंध भी उठने लगी है जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों का सरकार की ओर से 17 सूत्री मांग पत्र जारी नहीं करने से नाराज सफाई कर्मचारी पिछले सात दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं वहीं इसके साथ ही डोर-टू डोर कचरा उठान करने वाली एजेंसी के 42 कर्मचारी भी तीन दिनों से कचरे का उठान नहीं कर रहे हैं। इसके चलते शहर के मुख्य बाजारों में स्थिति सबसे अधिक खराब नजर आ रही है।
लाला लाजपत राय चौक से परशुराम चौक तक दुकानों के सामने ही करीब 20 स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इनमें कई जगह कचरा सड़क के किनारे तक फैल गया है। इसके चलते बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
दुकानदारों का कहना है कि दुकानें खोलने के बाद उन्हें पूरे दिन कचरे और उससे उठने वाली दुर्गंध के बीच बैठना पड़ रहा है। इसी तरह परशुराम चौक से लोहारू चौक तक भी करीब 20 स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। कचरे के ढेर बढ़ने से बाजार की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।