चरखी दादरी। स्थानीय विद्या विहार, शंकर कॉलोनी में 10वें श्री गणेश जन्मोत्सव के छठे दिन राधा अष्टमी मनाई गई। इस पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश महाराज की संगीतमय आरती और विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। इस मौके पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा रानी बनकर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पंडाल गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी सजाओ प्रतियोगिता रही। इसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा रानी का स्वरूप धारण कर धार्मिक भजनों पर नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों की मासूमियत और मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कार मिले। अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। कृष्ण कुमार मकड़ानिया कार्यक्रम में यजमान के रूप में उपस्थित रहे। भिवानी के अमित आर्ट ग्रुप ने श्री राधा-कृष्ण के स्वरूप में महारास और धार्मिक-सांस्कृतिक झांकियों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
वृंदावन से पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक मोहन श्याम पाराशर ने संगीतमय आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान का महत्व समझाया। मंच संचालन रामौतार सर्राफ ने किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण और राधा रानी के जयकारों से पंडाल गूंजता रहा। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहे। आयोजन ने बचपन से संस्कारों की नींव मजबूत करने और संस्कृति को भावी पीढ़ियों के जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर अनेक श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें बलराज फौगाट, कृष्ण मकड़ानिया, संजय बंसल, रणवीर सिंह अहलावत शामिल थे। दिनेश शास्त्री, दीपचंद पलवल, अर्जुन लाल, दीपक डागर भी मौजूद थे।
रामौतार सर्राफ, सतीश बजाज, प्रवीण मित्तल, प्रकाशित चंद समसपुरिया भी उपस्थित थे। हीरा लाल समसपुरिया, राजेश आदमपुरिया, जयभगवान मित्तल, विष्णु गोयल, साहिल गुप्ता भी मौजूद रहे। राजकुमार मित्तल, पवन पिंटू समसपुरिया, श्रीभगवान, सुधीर खुडानिया सहित सोनम, रुचि व आशा भी उपस्थित थीं।