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Charkhi Dadri News: खाद के लिए मारामारी, लाइन में लगे दो किसान बेहोश

Tue, 08 Oct 2024 03:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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गर्मी में बेहोश हुए किसान को संभालते लोग। संवाद
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अमर उजाला एक्सकलूसिव:
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- सोमवार को जमीदारा सोसायटी पर रेवाड़ी से पहुंचे खाद के 2100 बैग, अव्यवस्था होने पर बुलानी पड़ी पुलिस
- एक किसान को दिए गए खाद के 5 बैग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में डीएपी खाद के लिए मारामारी मची हुई है। सोमवार को खाद लेने के लिए लाइन में लगे दो किसान गर्मी व धूप से बेहोश हो गए। अव्यवस्था बनने पर सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया। इस दौरान महिलाओं की भी अलग से लाइन लगवाई गई।
सोमवार को खाद के 2100 बैग पहुंचे। खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान वितरण एजेंसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हो गए। देखते ही देखते लंबी लाइन लग गई। खाद वितरण एजेंसी ने रेवाड़ी से मंगवाई खाद का सोमवार सुबह वितरण शुरू किया।
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दरअसल, किसान गत एक सितंबर से डीएपी खाद की खरीद कर रहे हैं। ताकि, बाद में परेशानी न होने पाए। खाद की कमी की आशंका के चलते किसान बिजाई से पहले ही इसकी खरीद कर रहे हैं। सोमवार को पुरानी अनाज मंडी में स्थित सरकारी खाद वितरण एजेंसी में 2100 बैग पहुंचे। जैसे ही बैग पहुंचने की सूचना मिली, किसानों की खासी भीड़ जमा हो गई।
केंद्र पर लंबी कतार लगने पर अफरा-तफरी मच गई। लाइन में देर तक खड़े रहने पर उमस भरी गर्मी में दो किसान बेहोश हो गए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया। तेज धूप में किसानों को घंटोंं लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। जैसे ही बैग से भरा ट्रक पहुंचता है, किसान खाद लेने के लिए टूट पड़ते हैं। खरीद के लिए एजेंसी से कूपन लेने के लिए लंबी कतार लगी रही।
- अच्छी पैदावार के लिए किसान डालते हैं डीएपी खाद
किसान सरसों की बिजाई करते समय डीएपी खाद खेत में डालते हैं। ताकि, अच्छी पैदावार मिल सके। लोगों की धारणा रासायनिक खादों के प्रति ज्यादा बनी हुई है। यही वजह है कि अनाज अब जहर बनता जा रहा है। कृषि विभाग अधिकारी समय-समय पर शिविर लगाकर किसानों को रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। इसके बावजूद किसान इसका अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं।
किसान एक एकड़ में एक बैग यानी 50 किलोग्राम खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सामान्य से ज्यादा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रति एकड़ 20 किलोग्राम खाद पर्याप्त होती है।

- 10 हजार बैग की भेजी गई मांग
सरकारी एजेंसी ने 10 हजार डीएपी बैग की मांग भेज रखी है। सोमवार को रेवाड़ी जिला के खोड़ी से 2100 बैग पहुंचे। 2000 बैग मंगलवार को पहुंचेंगे। फिलहाल, एक किसान को पांच बैग दिए जा रहे हैं।
- एनपीके है डीएपी का अच्छा विकल्प
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एनपीके खाद डीएपी का अच्छा विकल्प है। एनपीके खाद में डीएपी से ज्यादा मात्रा में रसायनों का मिश्रण है। कृषि विशेषज्ञों की किसानों के लिए सलाह है कि एनपीके खाद का इस्तेमाल करें। यह खाद पर्याप्त मात्रा में भी उपलब्ध है।

किसान बोले : सुबह जल्दी आकर लगना पड़ रहा लाइन में
- सुबह लाइन में लगते हैं। खाद नहीं मिल पा रही है। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को खाद की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था करनी चाहिए। सरसों की बिजाई का समय आ गया है।
-चंदराम, गोठड़ा
- प्रशासन को खाद की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था करनी चाहिए। कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं तब जाकर पांच बैग मिल पाते हैं। खासकर महिलाओं के लिए गर्मी में लाइन में खड़ा रहना मुश्किल है।
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-बलवीर

वर्सन:
किसान संयम बरतें। सभी को खाद मिल जाएगी। जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें। 10 हजार बैग की मांग भेज रखी है। जैसे ही खाद पहुंचेगी, इसका वितरण कर दिया जाएगा।
-राजेश कुमार, प्रबंधक, जमीदारा सोसायटी

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दादरी की पुरानी अनाज मंडी में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
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गर्मी में बेहोश हुए किसान को संभालते लोग। संवाद
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अव्यवस्था बनने पर खाद वितरण केंद्र का गेट बंद करते पुलिसकर्मी। संवाद
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ट्राला से खाद के बैग उतारते श्रमिक। संवाद
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चंदराम।
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बलवीर।
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